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निर्भया केस: आज से फांसी के दिन तक होंगे ये काम, अंत में लटकाया जाएगा

Thu, 05 Mar 2020 05:30 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
निर्भया के दोषियों का चौथा डेथ वारंट जारी कर दिया गया है। अब दोषी मुकेश, अक्षय, विनय और पवन को 20 मार्च सुबह 5.30 बजे फांसी होगी। पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों के लिए चौथा डेथ वारंट उनके सभी कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद जारी किया है। कहा जा रहा अब दोषियों के पास कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा हैं, ऐसे में 20 मार्च को दोषियों को फांसी होना लगभग तय है। हालांकि दोषियों के वकील एपी सिंह ने ये जरूर कहा है कि उनके पास अब भी कानूनी विकल्प हैं जिनका इस्तेमाल वह करेंगे। अगर माना जाए कि 20 मार्च को ही दरिंदों को फांसी होगी तो आज से लेकर 20 तारीख तक तिहाड़ में क्या-क्या होने वाला है, यह हम आपको अपनी इस स्टोरी में बता रहे हैं....
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
अदालत के आदेश की कॉपी गुरुवार(5 मार्च) को चारों दोषियों पवन, मुकेश, विनय और अक्षय को सौंपी जाएगी। चारों तिहाड़ जेल नंबर-3 के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद हैं। इनके डेथ वारंट जारी होने के बाद जेल संख्या-3 की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वैसे तो जेल में पहले से ही सुरक्षा चाक-चौबंद है लेकिन अब से लोगों की गहन जांच के बाद ही उन्हें अंदर आने दिया जाएगा।
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
जेल के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दोषियों से फिर से उनके परिवार को अंतिम बार मिलने के बारे में पूछा जाएगा। इनको फांसी देने वाले जल्लाद को तिहाड़ जेल भेजने के लिए यूपी के जेल विभाग को एक बार फिर पत्र लिखा जाएगा। पत्र में फांसी की तारीख बताकर जल्लाद को दो दिन पहले भेजने का अनुरोध किया जाएगा। अब जेल के अधिकारी एक बार फिर फांसीघर का निरीक्षण करेंगे और इसकी फिर से साफ-सफाई व जरूरी मम्मत की जाएगी।

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nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया
दोषियों से उनकी आखिरी इच्छा के तौर पर ये पूछा जाएगा कि वो किससे मिलना चाहते हैं, कोई धर्मग्रंथ पढ़ना चाहते हैं, किसी धर्मगुरू आदि से मिलना चाहते हैं या फिर किसी के नाम वसीयत करना चाहते हैं। फिर वो जैसा कहेंगे उसके हिसाब से तिहाड़ प्रशासन कार्य करेगा।
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- फोटो : अमर उजाला
सुबह की खामोशी में निर्भया के दोषियों को फांसी दी जाएगी। जेल मैनुअल के मुताबिक सुबह सूर्योदय के बाद ही फांसी देने का रिवाज है। आमतौर पर गर्मियों में सुबह छह बजे और सर्दियों में सात बजे फांसी दी जाती है। हालांकि अदालत ने जो डेथ वारंट जारी किया है उसके अनुसार निर्भया के दोषियों को 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे फांसी होगी। फांसी घर लाने से पहले दोषी को सुबह करीब 4 बजे ही नहलाया जाएगा। उसके बाद उन्हें नए कपड़े पहनाए जाएंगे। फिर उन्हें चाय पीने के लिए दिया जाएगा। साथ ही उनसे नाश्ता के बारे में पूछा जाएगा। अगर कोई नाश्ता करना चाहता है तो उसे नाश्ता दिया जाता है।
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निर्भया केस - फोटो : अमर उजाला
उसके बाद मजिस्ट्रेट दोषी से उनकी आखिरी इच्छा के बारे में पूछते हैं। उसके बाद उसे काला कपड़ा पहनाकर उसके हाथ को पीछे से बांध कर फांसी घर लाया जाता है। यहां पहुंचने के बाद उसके चेहरे को भी ढंक दिया जाता है। यह सब काम जल्लाद करता है। फांसी देते वक्त कोई आवाज न हो इसके लिए पूरे बंदोबस्त किए जाते हैं। जब फांसी देने का वक्त आता है तो उसके लिए इशारे के तौर पर रुमाल को गिराया जाता है और जल्लाद लीवर खींचता है। 
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निर्भया केस - फोटो : अमर उजाला
इतने लोगों के सामने दी जाती है फांसी 
फांसी देने के समय फांसी घर में एकदम खामोशी होती है। जेल मैन्यूअल के अनुसार इस दौरान एक डॉक्टर, सब डिविजनल मजिस्ट्रेट, जेलर, डिप्टी जेलर और करीब 12 पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं। यहां सारी कार्रवाई इशारों में होती है। ब्लैक वारंट में तय समय पर दोषी को वहां लाकर जल्लाद उसके गर्दन में फंदा डाल देता है।  
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
पहले रुमाल गिरेगा फिर लीवर खिंचेगा
जेलर के रूमाल गिराकर इशारा करने पर जल्लाद या फिर जेल का कर्मचारी लीवर को खींच देता है। लीवर खींचते ही तख्त खुल जाता है और फंदे पर लटका दोषी नीचे चला जाता है। कुछ देर बाद डॉक्टर वहां पहुंचकर उसकी जांच करता है। धड़कन बंद होने की पुष्टि होने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया जाता है। उसके बाद उसे फंदे से नीचे उतार लिया जाता है। इस दौरान जेल में कोई काम नहीं होता है। फांसी लगने के बाद ही जेल के दरवाजे को खोला जाता है।
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