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शाहरुख को उपद्रवी नहीं मानते उसके परिवारवाले, बोले- टिकटॉक की धुन ने बना दिया 'गोलीबाज'

Thu, 05 Mar 2020 04:46 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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मोहम्मद शाहरुख - फोटो : Social Media
दिल्ली हिंसा को दौरान पुलिस पर बंदूक तानने वाले पिस्टलबाज शाहरुख को उसकी मौसी का परिवार और पड़ोसी उपद्रवी मानने को तैयार नहीं हैं। शाहरुख की कारगुजारी को दरकिनार कर ये लोग उसे एक ऐसा सीधासाधा युवा मानते हैं जो सोशल मीडिया पर फैले धार्मिक उन्माद में बहक गया। उसे टिकटॉक पर एक्शन वीडियो बनाने का शौक है। बॉडी बिलि्ंडग का जुनून है। 
 
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मोहम्मद शाहरुख - फोटो : अमर उजाला
शाहरुख की मौसी के परिवार से अमर उजाला टीम की बातचीत में शाहरुख के काम और व्यवहार के बारे में कई बातें पता लगीं। मौसेरी बहन निशात ने सफाई दी कि शाहरुख बेहद मासूम सा युवक है। थोड़ी देर उसके साथ वक्त बिताने के बाद कोई भी उसका फैन हो जाएगा। 
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मोहम्मद शाहरुख - फोटो : अमर उजाला
उसने कहा कि बीए की पढ़ाई के साथ ही शाहरुख ने जिम करके बॉडी बनाई और फिर जिम में ही ट्रेनर बन गया। शाहरुख के पिता के घर की छत पर ही मोजे बनाने का छोटा सा कारखाना है। पिता को पैरालिसिस होने के बाद से इस धंधे को भी शाहरुख ही संभाल रहा था। उससे छोटा भाई शवाल अभी पढ़ रहा है। 

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मोहम्मद शाहरुख - फोटो : सोशल मीडिया
शाहरुख को टिकटॉक पर एक्शन वीडियो बनाने की धुन सवार हो गई थी। उसके परिवार में सभी लोग शांत स्वभाव के हैं पर शाहरुख सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय होने की वजह से आक्रामक हो गया था। उन्हें लगता है कि शायद धार्मिक उन्माद के मेसेज और वीडियो देखकर ही वह बवाल वाली जगह पहुंच गया और अब पूरे देश में विलेन बन गया है। शाहरुख के पास मुंगेर की पिस्टल कहां से आई, इस सवाल पर सभी खामोश हो गए।  
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मोहम्मद शाहरुख - फोटो : Social Media
शाहरुख को जहां उसकी मौसी का परिवार सीधासाधा युवक बताता है और बहक जाने की बात कहता है तो पड़ोसी भी उनकी हां में हां मिलाते नजर आए। एक पड़ोसी ने कहा कि दिल्ली हिंसा में दोनों ही समुदायों के लोग शामिल थे। दोनों ही पक्ष संख्या बल के हिसाब से अलग-अलग इलाकों में एक-दूसरे पर ज्यादती कर रहे थे। जो लोग गलत हैं उन पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। धर्म के एजेंडे को बीच में नहीं लाना चाहिए। शाहरुख गलत है तो उसे भी सजा मिले, लेकिन इस मामले में उन्हें लगता है कि मीडिया उसे ज्यादा हाईलाइट कर रहा है।
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