फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nirbhaya Case: फैसला सुनते ही छा गया मौत का खौफ, फूट-फूटकर रो पड़े दरिंदे, दोषी अक्षय बोला...

Wed, 08 Jan 2020 08:19 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया
सात साल पहले देश को दहला देने वाले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले के दोषियों को फांसी पर लटकाने का दिन और वक्त मुकर्रर हो गया। पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार अपराह्न 4:48 बजे इस मामले के चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी कर दिया। इसके मुताबिक 22 जनवरी सुबह 7 बजे निर्भया के गुनहगारों को तिहाड़ जेल में फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा। इस फैसले के बाद तिहाड़ में दोषियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। 

विज्ञापन

2 of 5
निर्भया के दोषी - फोटो : अमर उजाला
वहीं, पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब निर्भया के चार दोषियों को कांफ्रेंसिंग कक्ष में ले जा रहे थे तो उनके चेहरे पर चिंता की लकीर थीं, लेकिन फैसला सुनते ही उन पर मौत का खौफ छा गया। दोषियों की आंखों से आंसू निकल गए। हालांकि अक्षय ने क्यूरेटिव याचिका दायर करने की बात कही। 
 
विज्ञापन

3 of 5
nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
जेल सूत्रों के मुताबिक चारों दोषी वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में करीब सवा घंटे तक रहे। अक्षय, पवन व मुकेश को जेल संख्या दो के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में और विनय को जेल संख्या चार के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष से कोर्ट की कार्रवाई से जोड़ा गया था। जेल सूत्रों के मुताबिक दोषियों को उम्मीद थी कि उन्हें क्यूरेटिव याचिका दायर करने की मोहलत दी जाएगी। 

4 of 5
निर्भया के चारों देषी - फोटो : अमर उजाला
दोपहर इसी उम्मीद में सभी कांफ्रेंसिंग दोषी कक्ष में पहुंचे, लेकिन कक्ष में पहुंचते ही उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें उभरने लगी। सुनवाई के दौरान वह डरे सहमे थे और उनके चेहरे पर मौत का खौफ साफ तौर पर दिखने लगा था। फैसला आते ही विनय रोने लगा, वहीं मुकेश, अक्षय और पवन के भी आंसू निकल गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इसी बस में हुई थी हैवानियत - फोटो : अमर उजाला
उनकी हालत देखकर जेल अधिकारियों ने शांत करवाया और फिर सभी की काउंसिलिंग भी कराई। जेल सूत्रों की माने तो कांफ्रेंसिंग कक्ष से निकलने के बाद इनके चेहरे उतर गए। मुकेश पूरी तरह से शांत हो गया जबकि अन्य दोषी भी दूसरे कैदियों से कोई बात नहीं कर रहे थे। हालांकि इनको सामान्य करने के लिए जेल अधिकारी व कर्मचारी इनसे बातचीत करने की कोशिश करने लगे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें