मुरादाबाद के मोहल्ला नवाबपुरा में चिकित्सक टीम पर किए गए पथराव की घटना के शुक्रवार तीसरे दिन भी मोहल्ले की गलियों में सन्नाटा पसरा नजर आया। घटना स्थल के आसपास के क्षेत्र में तो अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल दिखाई दिया। क्वारंटीन किए गए लोगों व कुछ आरोपी हमलावरों के मकानों में ताला लगा हुआ था।
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Moradabad attack
- फोटो : अमर उजाला
घटना की असल वजह पूछने पर सब चुप्पी साध जाते थे। असल मुद्दे पर चर्चा न कर किसी ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव जिस व्यक्ति की मौत हुई उसका जमात से दूर-दूर तक का कोई वास्ता नहीं था। पुलिस की तारीफ भी लोग कर रहे थे। शुक्रवार को भी मोहल्ले की अधिकांश सड़कों पर सन्नाटा सा पसरा रहा।
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घर की छत पर रखे पत्थर
- फोटो : अमर उजाला
क्वारंटीन व कोरोना पीड़ित परिवारों के साथ-साथ घटना के अधिकांश आरोपियों के घर के दरवाजों पर ताला लटका नजर आया। मोहल्ले के रहने वाले अधिकांश लोगों के घरों के दरवाजे भी पूरे दिन लगभग बंद ही नजर आए और घटना के बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए। घटना स्थल के पास रहने वाले सैयद अली भी घटना क्यों घटी, और उसका दोषी कौन है, पूछने पर चुप्पी साध गए।
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ड्रोन से पत्थरबाजों की तलाश
- फोटो : अमर उजाला
हां इतना जरूर कहा कि जो भी हुआ, जिसने भी ऐसा किया गलत किया। कुछ लोगों की वजह से पूरा मोहल्ला बदनाम हो रहा है। यह भी कहा कि कोरोना पॉजिटिव पाए गए जिस व्यक्ति की मौत हुई उनका व उनके परिवार का जमात और जमाती से कोई ताल्लुक नहीं था। यह जरूर कहा कि एक्सपोर्टर होने के नाते वह अक्सर विदेशों में जाया करते थे।
मोहल्ले के ही उस्मान और आसिफ अली का भी लगभग यही कहना था। मोहल्ले में छाए सन्नाटे के बारे में इन लोगों का कहना था कि घटना के बाद से हर घर के पुरुष सदस्य खासे सहमे हुए हैं कि कहीं उनका नाम न बलवे में आ जाए। इसलिए बाहर नहीं निकल रहे हैं। हालांकि इन सभी लोगों ने स्थानीय पुलिस की तारीफ भी कि और कहा कि किसी भी नाजायज को परेशान नहीं कर रही है।