पतंजलि योग संस्थान द्वारा सेक्टर-12 स्थित हुडा ग्राउंड में चल रहे पांच दिवसीय योग शिविर में सोमवार को चौथे दिन भी योग करने वालों की भारी भीड़ रही। माना जा रहा है कि करीब 50 हजार लोगों ने स्वामी रामदेव के साथ योग क्रियाएं कीं। योग दिवस की पूर्व संध्या पर बाबा ने लोगों को जमकर योगाभ्यास कराया।
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बाबा के साथ नन्हीं योगी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने योग की सरल व सहज आसान विधियों के अंतर्गत अनुलोम -विलोम, कपालभाति, प्राणायाम, शीतलाभस्तिका, बटरफ्लाई, चक्की आसन, नाड़ी शोधन, नेत्र, कर्ण एव कंठ शोधन व त्रिकोणासन आदि करवाए। स्वामी ने कहा कि योग हमारी प्राचीन पद्धति है।
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बाबा के साथ योग
- फोटो : अमर उजाला
इसे अपना कर अपने जीवन में शरीर को ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं। हम सभी को एक जन्म मां की कोख से और दूसरा अध्यात्म रुपी जन्म योग से मिलता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मुस्लिम देशों में भी योग का डंका बजेगा।
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योगा डे की तैयारियां
- फोटो : अमर उजाला
इसकी शुरूआत दुबई से हो चुकी है। यहां तक की पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे राजनीतिक रूप से कमजोर और उथल-पुथल वाले देश के लोग भी धीरे-धीरे योग अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले 177 देशों ने अपना समर्थन दिया। इस बार दुनिया के 200 देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है।
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योगा डे की तैयारियां
- फोटो : अमर उजाला
पलवल से योग शिविर में पहुंची छह वर्षीय लवली ने स्वामी रामदेव के मंच से योग के कठिन आसनों का प्रदर्शन कर सभी को अचंभित कर दिया। उसे देखकर बाबा भी हैरान रह गए। पहले तो स्वामी ने उसे माला पहनाया फिर उसे 5100 रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की। इसके बाद रेवाड़ी जिला स्थित गोकुल घासेड़ा के विद्यार्थियों ने भी मंच पर कई प्रकार के योगासन किए।
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योगा डे की तैयारियां
- फोटो : अमर उजाला
योग शिविर को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने कहा कि स्वामी रामदेव ने देश दुनिया को योग का महत्व बताया। योग को सहज और सरल बनाने का काम किया। आज पूरी दुनिया इससे लाभान्वित हो रही है। जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग दिवस का जो प्रस्ताव पारित कराया वह स्वामी रामदेव की देन है। दुनिया को निरोगी बनाने के लिए स्वामी द्वारा किए जा रहे इस कार्य से योग के क्षेत्र में वह नोबेल पुरस्कार पाने के हकदार हैं।
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योगा डे की तैयारियां
- फोटो : अमर उजाला
स्वामी रामदेव ने कहा कि योग साधकों से योग और स्वदेशी अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक हम स्वदेशी को नहीं अपनाएंगे तब तक हमारा राष्ट्र मजबूत नहीं हो सकता। उनके साथ सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने भी मंच पर पहुंचकर योग की कई क्रियाएं कीं।
स्वामी रामदेव ने कहा कि शीशम के पत्ते घोटकर पीने से गर्मी गायब हो जाती है। साथ ही लिकोरिया, धातुरोग और पित्त की बीमारियों को भी इससे दूर किया जा सकता है। उन्होंने नसीहत देते हुए यह भी कहा कि योग करते समय कभी उतावलापन नहीं करना चाहिए।