दिल्ली सरकार की प्याज की खरीद और 30 रुपये प्रति किलो पर प्रदेश की जनता को बेचने पर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग का आरोप है कि दिल्ली सरकार ने 18.57 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 25,11,000 किलो प्याज खरीदी और उसे लोगों को यह कहकर 30 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेच दिया कि इस पर प्रदेश सरकार 10 रुपये की सब्सिडी दे रही है।
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सिसोदिया ने प्याज घोटाले के आरोप पर दिखाया असली कागज
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इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद रविवार सुबह दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर अपनी सफाई दी। इसकी सफाई में उन्होंने एक सरकारी कागज भी जारी किया है।
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सिसोदिया ने प्याज घोटाले के आरोप पर दिखाया असली कागज
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मनीष सिसोदिया का कहना है कि उनकी सरकार ने केंद सरकार की संस्था एसएफएसी (SFAC) से 32.86 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज खरीदा था। जबकि हमारी सरकार पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है कि हमने प्याज नासिक से खरीदी।
सिसोदिया ने प्याज घोटाले के आरोप पर दिखाया असली कागज
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सिसोदिया का कहना है कि दिल्ली सरकार को बदनाम करने की पूरी कोशिश की जा रही है जबकि प्याज की खरीद, रखरखाव और परिवहन का काम केंद्र सरकार की एजेंसी एसएफएसी के द्वारा किया गया था।
सिसोदिया ने प्याज घोटाले के आरोप पर दिखाया असली कागज
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हालांकि इस मामले को उजागर करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग का आरोप है कि इस पूरी खरीद में सब्सिडी के नाम पर जनता को धोखा दिया गया है और मोटी रकम का हेर-फेर किया गया है जिसकी गंभीर जांच होनी चाहिए। बता दें विवेक गर्ग पेशे से वकील हैं और विधानसभा चुनाव में मॉडल टाउन से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं।