उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता
- फोटो : अमर उजाला
आखिरी वक्त गले मिलते बहन ने कहा था, सब कुछ खत्म हो गया
पीड़िता की मां और बड़ा भाई अस्पताल परिसर में रोते बिलखते दोषियों को गोलियों से भूनने की मांग कर रहे थे। पीड़िता के भाई ने कहा कि उनकी बहन अग्निपरीक्षा दे चुकी है। अब उसकी ऐसी हालत करने वाले दोषियों को यह परीक्षा देनी होगी। वे हर उस चीख का बदला लेना चाहते हैं जो उसकी बहन के मुंह से निकल रही थी। अपनी आंखों में आंसू लिए भाई ने कहा, मैं अपनी बहन को नहीं बचा पाया लेकिन मैं सरकार से मांग करता हूं कि आरोपियों को भी मौत की सजा मिलनी चाहिए। मैंने उससे वादा किया था कि सब मिलकर उसे बचा लेंगे पर ऐसा हुआ नहीं। आखिरी वक्त मुझसे गले मिलते हुए बहन ने कहा था कि सब कुछ खत्म हो गया। भाई ने कहा कि अपनी बहन के पार्थिव शव को न गंगा में बहाएंगे न ही चिता देंगे। वे उसे धरती माता की गोद में देंगे।