पाकिस्तानी रेंजरों ने रविवार को एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में एलओसी पर गोलाबारी की। एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल भी दागी। इसका उपयोग बंकर उड़ाने में होता है। हमले में 22 साल के कैप्टन कपिल कुंडू सहित 4 जवान शहीद हो गए। दो लड़कियां और तीन जवान भी घायल हुए हैं। (सभी फोटोः प्रेमचंद पालमी)
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- फोटो : प्रेमचंद पालमी
कैप्टन कपिल कुंडू का जन्म 10 फरवरी 1995 में हुआ था। वह 4 फरवरी 2018 यानी अपने 23वें जन्मदिन से ठीक 6 दिन पहले जम्मू-कश्मीर के एलओसी एरिया में हुई फायरिंग में शहीद हुए।
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- फोटो : प्रेमचंद पालमी
शहीद कैप्टन कपिल कुंडू अपने माता-पिता की इकलौती बेटे थे। उनका पैतृक गांव गुरुग्राम के पटौदी का रनसिका था। अब उनके परिवार में उनकी विधवा मां, दो बड़ी बहनें और दादा जी हैं। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है।
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- फोटो : प्रेमचंद पालमी
कपिल कुंडू जनवरी में ही कैप्टन बने। वह सेना की 15 जैकलाइ यूनिट के कैप्टन थे और इन दिनों जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में तैनात थे।
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- फोटो : प्रेमचंद पालमी
उनकी पढ़ाई पटौदी जिले के डिवाइन डेल इंटरनेशनल स्कूल से हुई थी। साल 2012 में कपिल का एनडीए में सिलेक्शन हुआ था, जहां से वे इंडियन अर्मी के लिए चुने गए थे।
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- फोटो : प्रेमचंद पालमी
उनकी पढ़ाई पटौदी जिले के डिवाइन डेल इंटरनेशनल स्कूल से हुई थी। साल 2012 में कपिल का एनडीए में सिलेक्शन हुआ था, जहां से वे इंडियन अर्मी के लिए चुने गए थे।
बताया गया कि उनमें बचपन से ही देशभक्ति का जज्बा कूट-कूटकर भरा था। एनडीए में ट्रेनिंग के दौरान भी उनके जोशीले और देशप्रेम के व्यवहार से हर कोई परिचित था।