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Kidney Racket: 10वीं पास कुलदीप ही निकालता और लगाता था किडनी, मास्टरमाइंड ने ऐसे सीखीं बारीकियां

Sat, 04 Jun 2022 10:16 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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किडनी रैकेट में पकड़ा गया आरोपी - फोटो : अमर उजाला
किडनी रैकेट के आरोपियों ने वाट्सएप पर किडनी डोनेट के नाम से बहुत सारे ग्रुप बना रखे थे। ये पीड़ित की तलाश के लिए इन वाट्सएप ग्रुप को सर्च करते रहते थे। ये ज्यादातर पीड़ित व रिसीवर को व्हाट्सएप ग्रुप पर ही तलाश करते थे। जांच में खुलासा हुआ है कि इन्होंने ऐसे करीब 20 से ज्यादा व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हुए थे। आरोपियों को कई रिसीवर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ही मिले थे। दूसरी तरफ बीमार व गरीब लोगों को ये पैसे के बहाने अपने जाल में फंसाते थे। आगे जानिए कैसे गिरोह के मास्टरमाइंड ने किडनी ट्रांसप्लांट की बारीकियां सीखी थीं जबकि वह सिर्फ दसवीं पास है...
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किडनी रैकेट में पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड कुलदीप राय उर्फ केडी सिर्फ दसवीं कक्षा पास है। उसने ओटी टेक्नीशियन का डिप्लोमा किया हुआ है। उसने 20 वर्षों तक दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में काम किया हुआ है। इस दौरान उसने डॉक्टरों को ऑपरेशन करते हुए सर्जरी करनी सीखी।
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गोहांग का वो अस्पताल जहां से चलता था किडनी रैकेट - फोटो : अमर उजाला
आरोपी  ने पूछताछ में खुलासा किया है कि हरियाणा के गोहाना में बनाई गई ओटी में वह किडनी प्रत्यारोपण करता था। यहां गैंग ने 12 कमरों का चार मंजिला भवन किराए पर ले रखा था। ये गिरोह अपना अस्पताल चला रहा था।

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गिरफ्तार आरोपी और इनसेट में अस्पताल जहां होता था खेल - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में ये बात सामने आई है कि ये मजबूर व गरीब लोगों को पैसे का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे, साथ ही में ये इलाज कराने के बहाने लोगों को अपने जाल में भी फंसाते थे। ऐसे लोगों के सामने ये किडनी गिरोह के सदस्य खुद को एनजीओ व चैरिटी संस्था का स्वयंसेवक बताते थे।
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kidney racket
आरोपी पीड़ितों से कहते थे कि उन्हें गरीबों का इलाज करवाने के लिए सरकार व बड़ी कंपनियों से पैसा मिलता है और ये उन्हें फ्री में इलाज कराने का झांसा देते थे। ये इन लोगों को अपने पास ठहराते थे। फिर उनका ब्रेनवॉश कर उनको किडनी दान करने के लिए तैयार कर लेते थे। 
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