सुल्तानपुरी कांड में आरोपियों के इस खुलासे को चश्मदीद ने नकार दिया है कि कार में तेज आवाज में म्यूजिक बजने की वजह से उनलोगों को कार में युवती के फंसे होने की जानकारी नहीं मिल पाई। दूध का काम करने वाले चश्मदीद ने साफ तौर पर कहा कि कार के बाहर से तेज आवाज आ रही थी, अंदर से नहीं।
चश्मदीद ने बताया कि वह देर रात 3.18 बजे कंझावला में दूध की गाड़ी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उसने एक कार आते हुए देखी। जिसके पहिए के पास से आवाज आ रही थी। उसने देखा कि कार के पहिए के पास एक शव लटक रहा था। कार कुतुबगढ़ की ओर जा रही थी। उसने तुरंत पुलिस को इस बात की जानकारी दी और अपनी स्कूटी से कार का पीछा करने लगे। सौ मीटर आगे पुलिस चौकी को देखकर आरोपी ने अपनी कार को यूटर्न कर लिया।