दिल्ली-मथुरा ईएमयू में 22 जून की रात हुई वारदात में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 10-15 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वारदात के बाद पहुंची पुलिस को प्रत्यक्षदर्शी और मृतक के भाई ने जो बयान दिए हैं, उसके मुताबिक चाकू से सबसे पहला हमला जुनैद पर नहीं, बल्कि शाकिर पर हुआ था।
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eid in junaid village
- फोटो : सोशल मीडिया
हमलावरों ने सबसे पहले शाकिर की गर्दन, छाती और बाजू पर चाकू से वार किया। इस बीच जुनैद बचाव के लिए पहुंच गया और हमलावर उसपर टूट पड़ा और चाकू से वार कर बुरी तरह घायल कर दिया।
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junaid murder
- फोटो : अमर उजाला
एफआईआर में हाशिम के बयान से यह भी सामने आया है कि हमला करने वाले नौजवान थे और उनकी संख्या दो-तीन थी। चाकू से वार करने वाला शख्स एक ही था, जबकि पीड़ित पक्ष को पकड़ने वाले कई थे। वारदात के बाद जब ट्रेन के कोच में शोर-शराबा मचने लगा तो ट्रेन रुकने पर हमलावर ट्रैक की ओर कूदकर भाग गए, जबकि जुनैद व शाकिर को प्लेटफॉर्म की तरफ उतारा गया।
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junaid murder
- फोटो : अमर उजाला
एफआईआर में दिए गए बयान और असावटी गांव के सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई तस्वीरों ने बाइक पर भागने की कोशिश कर रहे तीन युवाओं को पूरी तरह संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है, क्योंकि एफआईआर में दर्ज हाशिम के बयान में हमलावरों की संख्या दो-तीन बताई गई है, जबकि सीसीटीवी में कैद हुए बाइक सवारों की संख्या भी तीन ही है। एफआईआर में हमलावरों को नौजवान बताया गया है और सीसीटीवी में कैद शख्स भी नौजवान ही लग रहे हैं। सूत्रों की मानें, तो पुलिस की जांच अब इन तीनों के इर्दगिर्द घूम रही है।
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जुनैद के गांव में पसरा मातम।
एफआईआर में दिए गए बयान एक और बात सामने आई है। हाशिम ने पुलिस को बताया कि विवाद ओखला रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ था। यहां 15-20 यात्री कोच में सवार हुए थे। जुनैद, मोहसिन, मोइन और हाशिम सीट पर बैठे लूडो खेल रहे थे। यात्री उन्हें हटने के लिए कहने लगे। इस बीच दो-तीन लड़कों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ता देख चारों ने फरीदाबाद स्टेशन पर उतरने की तैयारी की थी लेकिन भीड़ इतनी थी कि वे चाहकर भी उतर नहीं पाए। इसके बाद विवाद बढ़ता चला गया।
ओखला में झगड़ा बढ़ता देख मोहसिन ने अपने भाईयों को फोन पर सूचना दी थी। एफआईआर में दिए बयान में हाशिम ने बताया कि बल्लभगढ़ में जब चारों ने उतरने का प्रयास किया तो उन्हें उतरने नहीं दिया। मदद के लिए आए मुजाहिद, मौसिम उर्फ धुन्ना और शाकिर भी ट्रेन में चढ़ गए। ट्रेन चल पड़ी और फिर विवाद बढ़ गया।