जुनैद हत्याकांड मामले में पुलिस द्वारा सहयोग के लिए लाए गए कोसी निवासी मुस्लिम व्यक्ति मनिया के मन में घटना के बाद इतना डर बैठ गया है कि वह पुलिस की मौजूदगी में भी किसी आरोपी की शिनाख्त नहीं कर पाया। पुलिस ने उसे बिना डरे शिनाख्त करने के लिए खूब मनाया लेकिन पुलिस मनिया शिनाख्त परेड में आरोपियों को नहीं पहचान पाया।
विज्ञापन
2 of 5
junaid murder
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक, जांच के आधार पर जीआरपी और क्राइम ब्रांच की टीमों ने करीब दस लोगों को हिरासत में लिया हुआ है। जिन चार आरोपियों की गिरफ्तारी जीआरपी दिखा रही है, उनकी शिनाख्त के लिए हासिम और मोहसिन से भी कराई गई। पुलिस को उम्मीद थी कि हादसे के समय ईएमयू में मौजूद मुस्लिम व्यक्ति मनिया भी पुलिस की मदद करेगा, लेकिन पुलिस के प्रयास फेल साबित हुए। शिनाख्त परेड के दौरान किसी भी आरोपी को उसने नहीं पहचाना।
विज्ञापन
3 of 5
junaid murder
कोसी निवासी मनिया तक जीआरपी के पहुंचने में ट्रेन में मिले थैले ने मदद की। मनिया कोसी में दुकान चलाता है तथा उस दिन दिल्ली से दुकान का सामान लेकर उसी कोच में आ रहा था जिसमें वारदात हुई। बताया जा रहा है कि कोच में हिंदु-मुस्लिम झगड़े का शोर शराबा मचने लगा। जिससे घबराए मनिया सीट के कोने में छुप कर बैठ गया।
4 of 5
junaid murder
- फोटो : अमर उजाला
पलवल आते ही वह डर के कारण अपने सामान के थैले को भी ले जाना भूल गया। बाद में यह वह थैला किसी ने जीआरपी को दिया तो उसमें से मिली बिल्टी व बिलों के माध्यम से जीआरपी कोसी तक पहुंची तथा मनिया को अपने साथ सहयोग के लिए यहां लेकर आई।
मनिया हिंदू-मुस्लिम झगडे की बात से इतना डरा हुआ है कि उसके दिल में केवल ट्रेन वाला डर ही नहीं गत महीनों पहले कोसी में हुए झगड़े का भी डर सामने आ गया। मनिया ने बताया कि कोसी में पिछले महीनों हुए सांप्रदायिचक झगड़े के कहर को वह अपनी आंखों से देख चुका था। 50 वर्षीय मनिया में आज भी वह डर बरकरार है।