युद्ध के हालात से जूझ रहे दक्षिण सूडान से निकाले गए भारतीयों का स्वदेश लौटना शुरू हो गया है। सूडान के जुबा शहर से 156 लोगों को लेकर आ रहा वायुसेना का विमान सी-17 शुक्रवार को स्वदेश पहुंच गया। इसमें 154 भारतीय नागरिकों के साथ दो नेपाली नागरिक भी भारत पहुंचे हैं। 156 में नौ महिलाएं और तीन बच्चे भी शामिल हैं। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री वीके सिंह के नेतृत्व में स्वदेश पहुंचा सी-17 विमान कुछ समय के लिए तिरुवनंतपुरम में भी रुका।
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- फोटो : अमर उजाला
यहां केरल और तमिलनाडु के लोगों को विमान से उतारा गया। इसके बाद विमान ने दिल्ली के लिए उड़ान भर ली। वायुसेना का विमान शुक्रवार की सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचा। इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘दक्षिण सूडान से विमान दिल्ली पहुंच गया है। मेरे साथी विजय गोयल एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए मौजूद हैं।’
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उन्होंने आगे लिखा कि मैं अपने भाईयों एवं बहनों को युद्ध के हालात से जूझ रहे दक्षिण सूडान से सुरक्षित स्वदेश वापसी करने के लिए बधाई देती हूं। मुसीबत में आपका देश हमेशा आपके साथ रहेगा। इस मौके पर उन्होंने इस मिशन से जुड़े वायुसेना और अन्य अधिकारियों का भी आभार जताया। दक्षिण सूडान के जुबा में 550 भारतीय फंसे हुए थे। इसके अलावा तकरीबन 150 लोग उन क्षेत्रों में हैं, जहां तेल के कुएं हैं।
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केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने बताया कि जब हम जुबा में पहुंचे, तो 156 लोग स्वदेश वापसी के लिए सामने आए। इनके अलावा 30 से 40 लोगों ने कमर्शियल फ्लाइट्स से अपने लिए वापसी के टिकट बुक करा दिए थे।
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उन्होंने बताया कि 300 लोगों ने आने से मना कर दिया। वीके सिंह के मुताबिक इसके पीछे उन्होंने यहां अपना घरबार और व्यापार होना कारण बताया। हमने अपने स्तर पर उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वे नहीं मानें।
पूर्व विद्रोहियों के साथ छिड़ी है लड़ाई : दक्षिण सूडान में हालात बद्तर होते जा रहे हैं। यहां पूर्व विद्रोहियों और सरकारी सेना के बीच युद्ध छिड़ गया है। इसकी वजह से यहां गृह युद्ध के हालात पैदा हो गए हैं। इसलिए भारत सरकार समय रहते अपने नागरिकों को यहां से निकाल लेना चाहती है, ताकि उन्हें इन हालातों से न जूझना पड़े।