चलती कार में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे चालक के साथ-साथ सड़क पर चल रहे लोगों की जिंदगी भी खतरे में रहती है। हाल ही के दिनों में कई घटनाएं होने से सवाल खड़ा हो रहा है कि लाखों की कार में आग क्यों लग जाती है। इसमें सबसे बड़ा कारण वायरिंग से छेड़छाड़ करना है। वहीं, लोग सस्ते के चक्कर में अधिकृत सर्विस सेंटर पर वाहन न दिखाकर लोकल मैकेनिक के पास चले जाते हैं। इससे भी समस्या बढ़ती है। नोएडा-ग्रेनो में हाल ही में आधा दर्जन कारों में आग लगने की घटनाएं हुईं हैं। इनमें चालकों ने समय रहते कूदकर जान तो बचा ली, लेकिन कारें जल गईं।
एक्सपर्ट बताते हैं कि सबसे पहले कार रखने वालों को समय पर निरंतर तौर पर सर्विसिंग करवानी चाहिए। कार में छोटी सी खराबी को लेकर लोग यह सोचते हैं कि सर्विस सेंटर वाले ज्यादा पैसे चार्ज करेंगे, जबकि आम मैकेनिक चंद पैसों में गाड़ी ठीक कर देगा। यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। जब गाड़ी का कोई तार टूट जाता है तो ठीक कराने में सावधानी बरतें। हर कार की बनावट अलग होती है, ऐसे में सर्विस सेंटर के मैकेनिक को कार कंपनियां अपने हिसाब से ट्रेनिंग देती हैं।