गुरुग्राम से अगवा कर महिला से गैंगरेप कर ग्रेटर नोएडा के कासना में फेंकने वाले आरोपी घर से झूठ बोलकर निकले थे और दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया था। खास बात यह है कि आरोपी अलग-अलग बहाने बनाकर घर से निकले थे और एक ही कार से साथ गुरुग्राम पहुंचे थे। फरार मुख्यारोपी गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती बहन के ससुर को देखने के लिए गुरुग्राम गया था और परिजनों के मुताबिक वह उनको देखने अस्पताल भी पहुंचा था। ग्रेटर नोएडा में इमलिया के तीनों मुख्यारोपी शादीशुदा हैं। उनकी उम्र 25 से 30 साल के बीच की है।
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sohna gangrape
ग्रुरुग्राम गैंगरेप के खुलासे के बाद ग्रेनो का इमलिया गांव अचानक चर्चाओं में आ गया। वहां जाकर पड़ताल की गई और आरोपियों के परिजनों से बात की गई तो वह अपने बेटों के नाम दरिंदगी केस में आने से हैरान थे। किशन के परिजनों ने बताया कि वह गुरुग्राम में एक कंपनी के अधिकारी की कार चलाने की नौकरी करता है। 8 मई को वह अपने बहन के विवाह पर गांव आया था। इसके बाद वह नौकरी पर नहीं लौटा। नौकरी पर नहीं जाने के पीछे उसके परिजनों का कहना है कि उक्त अधिकारी के परिवार समेत छुट्टी पर चले जाने के कारण वह वहां नहीं लौटा।
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- फोटो : अमर उजाला
किशन की बहन के ससुर कई दिनों से बीमार हैं। कुछ दिन पहले उन्हें ग्रेटर नोएडा के अस्पताल से गुरुग्राम ले जाया गया था। किशन घर से बहन के बीमार ससुर को देखने जाने की कहकर निकला था। परिजनों की माने तो वह गुरुग्राम के अस्पताल बहन के ससुर को देखने पहुंचा था लेकिन परिजनों ने उस दौरान अस्पताल में उसके साथ अन्य किसी के जाने से इंकार किया है। इसका मतलब वह दो अन्य आरोपियों को अस्पताल के आसपास छोड़ गया था।
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इमलिया गांव में जब नरेश के घर जाने का प्रयास किया गया तो उनके परिचित ने बताया कि घर केवल उसकी मां व पत्नी है। पत्नी को दुख और सदमे से बचाने के लिए उसे नरेश की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है। नरेश और उसके भाई ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। उनकी कई गाडिय़ां टैक्सी में चलती हैं। नरेश भी टैक्सी में कार चलाता है। गुरुग्राम जाने के दौरान नरेश की सेंट्रो कार ही तीनों आरोपी ले गए थे और गुरुग्राम के रास्तों की जानकारी होने के कारण किशन ने कार ड्राइव की थी। नरेश घर पर आगरा बुकिंग पर टैक्सी ले जाने की बात कहकर निकला था।
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उधर, तीसरे आरोपी राहुल के मूल परिवार में भी परिजनों के घर पर नहीं होने की जानकारी दी गई लेकिन उसके अन्य परिवार के लोगों ने बताया कि राहुल सिक्योरिटी गार्ड कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। उसका लुक्सर गांव में सिक्योरिटी कंपनी का ऑफिस है और वह घर से किसी शादी में जाने की बात कहकर निकला था।
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गांव में व परिजनों से बात करने पर पता चला कि तीनों आरोपी महिला से दरिंदगी और उसे चाचा के ढाबे के पास फेंकने के बाद बेखौफ होकर घर लौट आए थे और उन्होंने किसी को वारदात में शामिल होने की भनक भी नहीं लगने दी थी। वह अपने दिनचर्या के कामों में जुट गए थे। किशन को तो उसकी पत्नी ने (जिस दिन सुबह महिला को ग्रेनो की सड़क पर फेंका गया) सुबह साढ़े सात बजे फोन कर पांच माह के बेटे के बीमार होने की जानकारी दी। इसके बाद वह घर लौट आया और बच्चे को डाक्टर के पास लेकर गया।
परिजनों के मुताबिक, बृहस्पतिवार सुबह भी वह बच्चे को डाक्टर के पास लेकर गया और दो आरोपियों की गिरफ्तारी की भनक लगने पर फरार हो गया। किसन के दो बेटियां व एक छोटा बेटा है। राहुल दो बेटे एक बेटियां व नरेश के एक बेटा है।