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गुरुग्राम में चार हत्याएं: परिवार में कमाने वाला इकलौता था कृष्णकांत, अब आरोपी और एफआईआर के बयान में उलझी पुलिस

Wed, 25 Aug 2021 04:31 PM IST
पूजा त्रिपाठी मयंक तिवारी, अमर उजाला, गुरुग्राम

सार

मंगलवार की सुबह दूसरे बेटे की मौत की खबर के बाद उनको सदमा लग गया है। उपचार के लिए निजी अस्पताल दाखिल कराया गया है। कोरोना काल में नौकरी जाने के बाद कृष्णकांत घर चला गया था।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दस साल पहले सिवान से आकर गुरुग्राम में रहने वाले कृष्णकांत तिवारी अपने परिवार में कमाने वाले इकलौते बेटे थे। बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद सिवान में बोकारो स्टील प्लांट से सेवानिवृत्त बुजुर्ग पिता को दिल का सदमा लगा। इसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। परिवार वालों ने उनको निजी अस्पताल में दाखिल कराया है।

अश्विनी कुमार के अनुसार दस साल पहले कृष्णकांत गुरुग्राम आ गया था। सेक्टर 14 में एक्सिस बैंक में कार्यरत था। पहले वह राजेंद्रा पार्क कॉलोनी के आस-पास रहता था। चार माह पहले ही राव के मकान में आया था। वह तीन भाई थे। बड़े भाई की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। जिसके बाद उनके लड़कों की पढ़ाई का खर्च कृष्णकांत ही उठाता था। उनके पिता व्यास तिवारी बोकारो स्टील प्लांट से सेवानिवृत्त हुए हैं। बड़े बेटे की मौत के कुछ दिन बाद उनको लगवा मार गया था। मंगलवार की सुबह दूसरे बेटे की मौत की खबर के बाद उनको सदमा लग गया है। उपचार के लिए निजी अस्पताल दाखिल कराया गया है। कोरोना काल में नौकरी जाने के बाद कृष्णकांत घर चला गया था।
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शवों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पेड़-पौधों की करता था छंटाई, उसी से गला काटा
राव राय सिंह की कॉलोनी में अच्छी छवि है। सामाजिक होने के कारण लोगों से बेहतर संबंध भी है। कॉलोनी में जितने भी पेड़-पौधे नजर आते हैं सब उनके ही दिए हुए या लगाए हुए हैं। कॉलोनी के लोगों को भरोसा ही नहीं हो रहा है कि राव साहब ऐसा काम कर सकते हैं। पुलिस को छानबीन में दाव मिला है उसका प्रयोग वह पेड़ों की छंटाई के लिए करते थे। प्रापर्टी का काम करने के साथ ही अपनी कॉलोनी के आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी भी थे। 
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शवों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सेवानिवृत्त फौजी और एफआईआर के बयान में उलझी पुलिस
मंगलवार सुबह से जिस हत्याकांड को लेकर शहर में अफरातफरी मची थी उसकी परत-दर परत पुलिस उलझती जा रही है। सेवानिवृत्त फौजी ने थाने में जाकर कहा कि, मैंने पांच लोगों की हत्या कर दी है। उसने अपनी बहू को भी मार डाला है। जबकि मामला दर्ज होने वाले अपने बयान में आरोपी ने कहा कि मकान मालिक का रेंट एग्रीमेंट को लेकर विवाद चल रहा था। किराएदार मकान खाली नहीं कर रहा था। पुलिस के पास पहला सवाल है कि एक व्यक्ति अकेले पांच लोगों पर हमला कर सकता है क्या? अगर कोई सो रहा है तो उसके बगल में चीखने या चिल्लाने की कोई आवाज क्यों नहीं आई? उनकी पत्नी वहां क्या कर रही थी? बेटे की लोकेशन क्या है? पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला कि पांच दिन पहले ही कृष्णकांत तिवारी अपने घर सिवान से बच्चों के साथ वापस आया था। उसकी बहू भी तीन दिन पहले ही छह माह के बाद पीहर से वापस आई थी। बहू को 11 साल की एक बेटी भी है। एसीपी उद्योग विहार राजीव कहते हैं कि जांच चल रही है। अभी बहुत समय है। एक के बाद एक कड़ी को जोड़ा जा रहा है। इस मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। 

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गुरुग्राम हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
वकील बेटे मोबाइल की लोकेशन खंगाल रही है पुलिस
आरोपी का बेटा आनंद यादव वकील है। उसने अपने घर पर भी बोर्ड लगा रखा है। साथ ही गुरुग्राम अदालत में अपना चेंबर बना रखा है। पुलिस को बताया गया कि दो दिन पहले वह दर्शन करने के लिए खाटू श्याम गया था। पुलिस उसके मोबाइल व मकान के आस-पास लगे सीसीटीवी के फुटेज को खंगाल रही है। एक व्यक्ति चार लोगों की हत्या कैसे कर सकता है। पहली मंजिल पर बहू की हत्या के बाद दूसरी पर सो रहे परिवार का दरवाजा कैसे खुला रह गया था। उस शाम आखिर क्या हुआ था। यह सब पुलिस जानने में जुटी है। पुलिस को यह बताया गया है कि सब सो रहे थे उस समय वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। 
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इसी घर में हुई थी हत्या - फोटो : अमर उजाला
पत्नी पर हुआ है 22 वार 
दिल दहला देने वाली घटना में पोस्टमार्टम के बाद एक और खुलासा हुआ है। डॉ. दीपक माथुर के अनुसार सबसे अधिक हमला अनामिका तिवारी पर हुआ है। आरोपी ने उस पर 22 वार किया है। जबकि अपनी पुत्रवधू सुनीता पर 17 वार किया है। इसके साथ सुरभि पर 16 वार किया गया है। सबसे कम वार कृष्ण कांत पर हुआ है। उसकी मौत सात वार में ही हो गई है।
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