डॉक्टरों ने बताया कि गुड़िया के होठों पर, गालों पर, बांह पर और गुदाद्वार पर कई चोटें थीं। उसके गले पर कई निशान थे जो ये बताते हैं कि उसका गला दबाने की कोशिश भी की गई। गुड़िया के साथ बर्बरता पड़ोस में रहने वाले युवकों ने 15 अप्रैल 2013 को की थी। बच्ची को दरिंदों के कब्जे से 40 घंटे बाद छुड़ाया जा सका था।