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सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मनाते रहे छुट्टी, स्ट्रेचर पर कराहते रहे मरीज

Mon, 03 Apr 2017 04:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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aiims delhi - फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार की सुबह 10 से शाम 4 बजे तक दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों के बाहर लगभग यही दृश्य देखा गया कि स्ट्रेचर पर कराहते हुए मरीज सड़कों तक पहुंच गए, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। 

महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टरों के समर्थन में दिल्ली के रेजिडेंट डॉक्टरों की एक दिन की सामूहिक छुट्टी की वजह से राजधानी में चिकित्सा सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई। आपातकालीन सेवा के अलावा दूसरी सभी चिकित्सीय सेवाओं पर असर पड़ा।
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aims delhi - फोटो : अमर उजाला
पहले से तय ज्यादातर ऑपरेशन टाल दिए गए। वार्ड में भर्ती मरीजों को भी दिक्कत हुई। हालांकि सीनियर डॉक्टर काम रहे थे, लेकिन मरीजों की संख्या के सामने इनकी संख्या बेहद कम थी। एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को भी हेलमेट पहनकर काम किया।
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aims delhi - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टरों की संस्था फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोरडा) की पहल पर बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार के लगभग सभी अस्पताल और केंद्र सरकार के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल, राम मनोहर लोहिया और सफदरजंग में चिकित्सा सेवा प्रभावित हुई। रेजिडेंट डॉक्टर सुबह नौ से शाम चार बजे तक छुट्टी पर रहे। इसके बाद काम पर लौट आए।दिल्ली सरकार के लोकनायक, जीटीबी, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, दीनदयाल उपाध्याय, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र, दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय के अलावा कई अन्य अस्पतालों में भी ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं। कई अस्पतालों में मरीजों को यह कहते हुए गेट से ही लौटाया जा रहा था कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। इसके बाद भी जो मरीज पंजीकरण काउंटर पर जा रहे थे, उनका पंजीकरण हो रहा था और इलाज के लिए ओपीडी भी भेजा जा रहा था।

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aims delhi - फोटो : अमर उजाला
ओपीडी में वरिष्ठ चिकित्सक ड्यूटी पर थे, लेकिन मरीजों की संख्या के सामने इनकी संख्या बेहद कम थी। इस वजह से मरीजों को ओपीडी में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। वार्ड में भर्ती मरीजों को भी काफी दिक्कत हुई। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश पर जाने की सूचना कल से ही थी, लिहाजा ज्यादातर तय सर्जरी को बुधवार रात को ही टालने का निर्णय ले लिया गया था। जरूरी सर्जरी हुईं और आपातकालीन विभाग में जिन रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी थी, उन्होंने पहले की तरह ही काम किया। 
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aims delhi - फोटो : अमर उजाला
इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
पटेल नगर के मोतीलाल इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन उनका पंजीकरण नहीं हो पाया। वे अस्पताल में इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बेटा पंजीकरण कराने गया है, लेकिन अभी नहीं आया। ऐसे ही हालात दिल्ली के कई अस्पतालों में देखने को मिले। कुछ अस्पतालों में देखा गया कि ओपीडी में इलाज में हो रही देरी की वजह से मरीज आपातकालीन विभाग पहुंच रहे थे, लेकिन वहां से चिकित्सक मरीजों को वापस ओपीडी में भेज देते थे।
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