फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोकुलपुरी अग्निकांड: बजनी थीं शहनाइयां पर उठीं सात अर्थियां, पिता के आंसुओं और सीने पर लिखा नाम देख रो पड़ा श्मशान

Sun, 13 Mar 2022 03:31 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऐसे में शवों को अग्नि देने के लिए परिवार के अलावा अन्य स्थानीय लोग भी पहुंचे। जैसे ही एक ही परिवार के पांच व दूसरे परिवार के दो सदस्यों को अग्नि दी गई तो परिजनों के साथ अन्य लोगों का भी दर्द फूट पड़ा। इस दौरान रो-रो कर कई महिलाएं बेहोश भी हो गईं। 
विज्ञापन
1 of 8
गोकुलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
गोकुलपुर गांव में बसी इन झुग्गियों में अगले एक सप्ताह से एक माह के भीतर ही कई परिवारों में शहनाइयां बजने वाली थीं। लेकिन, अनहोनी ने कई परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। इसमें एक ही स्थान पर रहने वाले तीन परिवार हैं, जिनकी बेटियों के हाथों में सुहाग की मेहंदी रचने से रह गई। वहीं, इन परिजनों द्वारा जमा पूंजी से जोड़ा गया शादी का सामान भी झुग्गियों में जलकर खाक हो गया है। 

अगले माह होने वाली थी रेशमा की शादी
मृतक परिवार से बबलू की बहन रबीना ने बताया कि बहन रेशमा की शादी अगले माह तय थी। इसे लेकर परिवार बीते तीन-चार माह से तैयारियां में जुटा हुआ था। बहन की शादी गांव में धूमधाम से करने के लिए भाई-बहनों ने पाई-पाई जोड़कर करीब ढाई लाख रुपये का इंतजाम किया था। इसमें से कुछ रुपये के आभूषण व अन्य सामान खरीदकर घर में जमा भी कर लिया था। बाकी का इंतजाम गांव में पहुंचकर करना था। इसके लिए गांव में शादी को लेकर भी अन्य तैयारियां चल रही थीं। बकौल रबीना, रेशमा के लिए खरीदे गए नए कपड़ों से लेकर आभूषण भी झुग्गी के साथ जलकर खाक हो गया।

 
विज्ञापन

2 of 8
गोकुलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
झुग्गी में रहने वाले पप्पू ने बताया कि उनकी बेटी आरती का विवाह तय कर दिया गया था। अगले एक सप्ताह में ही शहनाइयां बजने वाली थी। इसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली थी और विवाह के लिए आभूषण और कपड़े भी खरीद लिए थे। लेकिन, आग इतनी तेजी से फैली की सिर्फ जान बचाना ही संभव हो सका। बेटी के लिए तैयार शादी का जोड़ा, अन्य कपड़े और आभूषण आग की लपटों में खाक हो गए। पप्पू के मुताबिक, बेटी के लिए साल भर से पहले से ही तैयारियां पूरी कर ली थीं। लेकिन, एक झटके में ही सब कुछ खत्म हो गया। अब बेटी के हाथों की मेहंदी रचाने का भी इंतजाम नहीं है। 

 
विज्ञापन

3 of 8
गोकुलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
झुग्गी में रहने वाली एक अन्य महिला ज्योति ने बताया कि उनकी बेटी रोशनी की शादी अगले दो माह में होनी थी। इसे लेकर झुग्गी में रहने वाले अन्य लोगों के सहयोग से शादी का सामान इकट्ठा किया था। अगले माह उन्नाव स्थित गांव जाकर तैयारियां करने की योजना थी। बेटी की शादी को लेकर बहुत उम्मीदें थी, लेकिन अब सारी उम्मीदें आग के साथ जलकर खाक हो गई हैं।

 

4 of 8
गोकुलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
हादसे से पीड़ित पिंटू और रोमा आठ माह पहले हुई अपने बेटे की मौत को भूलते कि उनके सामने दो और चिराग बुझ गए। झुग्गियों की आग ने रोमा और पिंटू के बच्चे रोशन और दीपिका को भी उनसे छीन लिया। हादसे में रोमा और पिंटू भी घायल हैं। हालांकि, पिंटू का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे का नाम अपने सीने पर लिखवा रखा है।
विज्ञापन

5 of 8
गोकुलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
पिंटू इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है कि उनके जिगर का टुकड़ा चला गया है। पिंटू का कहना है कि उनका बेटा आज भी लिखे हुए नाम के साथ सीने में मौजूद है। वहीं, पिंटू के पिता संतू के मुताबिक, करीब आठ माह पहले ही पोते को कुत्ते ने काट लिया था।
विज्ञापन

6 of 8
गोकुलपुरी अग्निकांड - फोटो : जी पाल
इसके बाद बच्चे में संक्रमण फैला और उसकी मौत हो गई। रोमा और पिंटू अभी अपने बेटे की मौत को भूला भी नहीं पाए थे कि दुख का पहाड़ फिर से टूट पड़ा, जिसने एक साथ दो चिरागों को बुझा दिया। संतू ने बताया कि बच्चे स्थानीय स्कूल में ही प्राथमिक शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। 

 
विज्ञापन

7 of 8
गोकुलपुरी अग्निकांड - फोटो : जी पाल
हादसे में मृत एक ही परिवार के पांच सदस्यों और अन्य परिवार के दो सदस्यों  का पोस्टमार्टम जीटीबी अस्पताल में हुआ। अस्पताल से सात शवों को लेकर शहीद भगत सिंह दल की एंबुलेंस मंडोली चुंगी स्थित शमशान घाट पर पहुंची।
विज्ञापन

8 of 8
गोकुलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में शवों को अग्नि देने के लिए परिवार के अलावा अन्य स्थानीय लोग भी पहुंचे। जैसे ही एक ही परिवार के पांच व दूसरे परिवार के दो सदस्यों को अग्नि दी गई तो परिजनों के साथ अन्य लोगों का भी दर्द फूट पड़ा। इस दौरान रो-रो कर कई महिलाएं बेहोश भी हो गईं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें