गोकुलपुर गांव में बसी इन झुग्गियों में अगले एक सप्ताह से एक माह के भीतर ही कई परिवारों में शहनाइयां बजने वाली थीं। लेकिन, अनहोनी ने कई परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। इसमें एक ही स्थान पर रहने वाले तीन परिवार हैं, जिनकी बेटियों के हाथों में सुहाग की मेहंदी रचने से रह गई। वहीं, इन परिजनों द्वारा जमा पूंजी से जोड़ा गया शादी का सामान भी झुग्गियों में जलकर खाक हो गया है।
अगले माह होने वाली थी रेशमा की शादी
मृतक परिवार से बबलू की बहन रबीना ने बताया कि बहन रेशमा की शादी अगले माह तय थी। इसे लेकर परिवार बीते तीन-चार माह से तैयारियां में जुटा हुआ था। बहन की शादी गांव में धूमधाम से करने के लिए भाई-बहनों ने पाई-पाई जोड़कर करीब ढाई लाख रुपये का इंतजाम किया था। इसमें से कुछ रुपये के आभूषण व अन्य सामान खरीदकर घर में जमा भी कर लिया था। बाकी का इंतजाम गांव में पहुंचकर करना था। इसके लिए गांव में शादी को लेकर भी अन्य तैयारियां चल रही थीं। बकौल रबीना, रेशमा के लिए खरीदे गए नए कपड़ों से लेकर आभूषण भी झुग्गी के साथ जलकर खाक हो गया।