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कलयुगी बेटे ने ली माता-पिता की जान: नींद से उठाकर बोला था-ज्यादा संपत्ति मुझे देते हो या मार दूं

Mon, 14 Jun 2021 12:13 PM IST
पूजा त्रिपाठी रिची कुमार, अमर उजाला, गाजियाबाद
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लोनी में बेटे ने की माता-पिता की हत्या - फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के लोनी में संपत्ति के ही लालच में बेटे ने ही माता व पिता की अंगोछा-तार से गला दबाकर हत्या की थी। बलराम नगर कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर आरोपी बेटे रवि को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सुबह ही हत्या कर घर को खुला छोड़कर चला गया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 15 हजार रुपये, 5 लाख की फिक्सड डिपोजिट, अंगोछा और तार बरामद किया है। लोनी में घटना वाले दिन आरोपी रवि पिता सुरेंद्र के कमरे में सुबह करीब 9 बजे पहुंचा और उसने कहा पापा संपत्ति मेरे नाम करते हो या कर दूं काम तमाम। बेटे की यह बात सुनकर सुरेंद्र चौंक गए थे। उन्होंने संपत्ति देने इनकार किया। इस पर दोनों में झगड़ा हुआ। तभी रवि ने अंगोछे से पिता का गला दबा दिया। इसके बाद वह मां को मारने के लिए ऊपर वाली मंजिल में पहुंचा और देखा कि...
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मृतक माता-पिता (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
जब ऊपर पहुंचा तो वहां मां को सोता हुआ देखा। आरोपी वापस कमरे से बाहर आया और रसोई में बैठ गया। करीब 10 मिनट तक आरोपी रसोई में बैठा रहा। इस 10 मिनट में आरोपी मां को मारने को लेकर असमंजस में रहा, क्योंकि वह मां को प्यार करता था। रवि 20 से साल से पिता से नहीं बोलता था, लेकिन मां उसे भी प्यार करती थी। रवि मां के कमरे में गया। कमरे में सो रही मां के ऊपर बैठ गया और तार से गला दबा दिया।
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पिता का शव - फोटो : अमर उजाला
पहली पत्नी के जाने के बाद अपनी मर्जी से की थी दूसरी शादी
रवि की पहली पत्नी किसी विवाद के बाद उसे छोड़कर चली गई थी। इसके बाद रवि ने मर्जी से दूसरी शादी कर ली थी। दूसरी शादी के परिजन खिलाफ थे। मृतक सुरेंद्र अपने बेटे रवि से भी परेशान थे। वह उसे संपत्ति से बेदखल भी करना चाहते थे। उसकी संपत्ति का हिस्सा भी वह गौरव की पत्नी को देना चाहते थे। इस बात पर घर में क्लेश रहता था।

दो करोड़ की संपत्ति को लेकर था विवाद
सुरेंद्र कुछ सालों पूर्व अपने मूल निवासी बागपत के ढिकोली से लोनी रहने आ गए थे। उनकी ढिकोली में चार बीघा जमीन है। एक मकान भी है। लोनी के बलरामनगर में भी एक मकान है। दोनों संपत्तियों की कीमत करीब दो करोड़ से अधिक है। सुरेंद्र के करीब 20 लाख रुपये ब्याज पर भी चल रहे थे। कुछ एफडी भी थी। सुरेंद्र यह सब कुछ गौरव की पत्नी को देना चाहते थे।

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मां का शव - फोटो : अमर उजाला
छोटी बहू-पोतों को ज्यादा हिस्सा दे रहा दंपती, इससे ही नाराज था बड़ा बेटा
एसपी देहात डॉ. इरज राजा ने बताया कि शुक्रवार रात बलराम नगर कॉलोनी स्थित सुरेंद्र और उनकी पत्नी संतोष की हत्या की गई थी। बेटे रवि ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या के बाद आरोपी ने लूट का रूप देने के लिए घर का सामान बिखेर दिया था। घर से कुछ नकदी और कागजात भी गायब थे। अंतिम संस्कार कर घर लौटे बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर खुलासा किया है। बेटे ने बताया कि करीब दो साल पहले उसके छोटे भाई गौरव धामा की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। छोटे भाई की पत्नी और दो बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी सास व ससुर ने उठा ली थी। बेटे की मौत के बाद दंपती का झुकाव गौरव की पत्नी और बच्चों की ओर ज्यादा था। दंपती ने अपनी संपत्ति का ज्यादा हिस्सा गौरव की पत्नी व बच्चों को देने का फैसला किया था। ज्यादा संपत्ति भाई की बहू को देने की बात से आरोपी बेटा रवि परेशान था। मूल रूप से बागवत के ढिकोली के रहने वाले थे सुरेंद्र।
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बेटे से पूछताछ करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बयान बदलने पर पुलिस को हुआ शक
सीओ अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि बेटे ने घर में लूट के बाद हत्या करने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस को अलमारी के लॉकर टूटे हुए नहीं मिले थे। सभी कपड़े भी तय लगे हुए रखे थे। हथियार का इस्तेमाल न होने पर भी पुलिस का शक बढ़ गया। रवि बार-बार बयान बदल रहा था। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले। उसमें भी किसी बदमाशों की निशानदेही नहीं मिली। पड़ोसियों के पूछताछ के बाद रवि पर शक बढ़ गया। अंतिम संस्कार के बाद जब आरोपी घर पहुंचा तो पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। रवि ने जुर्म कबूल कर लिया।
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आरोपी बेटा - फोटो : अमर उजाला
हत्या की सूचना कोई और दे, इसलिए खुला छोड़ा घर
आरोपी ने हत्या की योजना एक दिन पहले बनाई थी। हत्या के बाद उसने जानबूझकर घर को खुला छोड़ दिया था। सुरेंद्र से मिलने आसपास के काफी लोग आते थे। रवि की योजना थी कि कोई बाहर का व्यक्ति घर में आए और हत्या की सूचना पुलिस को दे, लेकिन हत्या वाले दिन घर में कोई पड़ोसी नहीं आया। दोपहर तक जब किसी ने कोई सूचना नहीं दी तो आरोपी दोपहर में घर आया। आरोपी अपने चाचा के घर पड़ोस में चला गया। आरोपी ने यहां अपने दोस्तों के साथ ताश खेले। शाम करीब छह बजे जब किसी ने कोई सूचना नहीं दी, तो आांपी खुद घा गया और पुलिस को सूचना दी।
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