एक के बाद एक पांच लोग मौत के मुंह में समा गए। जिसने भी यह हादसा देखा, उसका कलेजा बैठ गया। करंट के डर से आलम यह था कि लोगों को बेबस होकर मौत का मंजर देखने को मजबूर होना पड़ा।
गाजियाबाद के राकेश मार्ग पर बुधवार सुबह हुआ हादसा दिल दहला देने वाला था। जो भी बचाने गया, वह करंट की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो गया। एक के बाद एक पांच लोग मौत के मुंह में समा गए। जिसने भी यह हादसा देखा, उसका कलेजा बैठ गया। करंट के डर से आलम यह था कि लोगों को बेबस होकर मौत का मंजर देखने को मजबूर होना पड़ा। बचाने जाते तो खुद भी शिकार हो सकते थे, लिहाजा चाहकर भी कुछ नहीं कर सके।
जो परिवार हादसे का शिकार हुए वह प्रवासी हैं। दूरदराज इलाके से आकर मेहनत-मजदूरी कर परिवार की आजीविका चलाते हैं। बुधवार सुबह भारी बारिश के बावजूद मेहनतकश लोग अपने-अपने काम पर निकल गए, जबकि परिजन घरों में मौजूद थे। साढ़े 9 बजते ही मोहल्ले में पसरा सन्नाटा चीख-पुकार में तब्दील हो गया।
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मौके पर जुटी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो दो बच्चियां टिन शेड के पाइप से चिपकी हुई थीं। इसके बाद उन्हें बचाने जो भी गया, वह भी वहीं गिरता गया। लोग शोर मचाते हुए मौके पर दौड़े, लेकिन इसी बीच जेहन में हादसे का कारण स्पष्ट हो गया। टिन शेड के पाइप से बारिश के जलभराव में करंट उतरने की बात पता लगते ही लोगों के पैर थम गए।
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इसी टिन शेड में उतरा था करंट
- फोटो : अमर उजाला
वह बिजली सप्लाई बंद कराने के लिए चीखते चिल्लाते रहे। जैसे-तैसे विद्युत कर्मियों से संपर्क होने के बाद बिजली कटी, तब जाकर करंट की चपेट में आए लोगों को अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
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घटना के बाद रोते बिलखते लोग
- फोटो : अमर उजाला
प्रवासियों के घरों में पसरा मातम, स्थानीय लोग भी गमजदा
राकेश मार्ग पर गली नंबर तीन के सामने प्रवासी मजदूर बहुतायत में किराए पर रहते हैं। आस पड़ोस के चार घरों में रहने वाले तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत के बाद प्रवासी मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। साथ ही स्थानीय लोगों में भी मातम पसर गया।
घटना में मृत पांच में से तीन लोग
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद स्थानीय लोग करंट की चपेट में आए लोगों को अपने वाहनों में अस्पताल लेकर दौड़े। करंट की चपेट में आए तीनों बच्चों को स्थानीय लोग अपने खर्चे से इलाज कराने के लिए प्राइवेट अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।