घटना के बाद बिखरा सामान
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रात करीब नौ बजे लोकमनी अपने घर पहुंचे तो वहां सामान बिखरा हुआ पड़ा था। उन्होंने डॉली और तीनों बच्चों को आवाज लगाई, लेकिन कोई नहीं बोला। उन्होंने शोर मचाया और आस-पड़ोस के लोग आ गए। उन्होंने ऊपर जाकर देखा तो एक कमरे में अंशु, डॉली और उनके तीन बच्चे खून में लथपथ पड़े हुए थे। पुलिस एवं परिवार के लोगों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने खुलासे के लिए एसपी ग्रामीण, सीओ सदर, नगर प्रथम एवं द्वितीय के निर्देशन में पांच टीम गठित की थीं। गठित टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मैनुअल इंटेलिजेंस, बयान व पूछताछ, भौतिक व परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच गई।