दिल्ली में नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को भारी सफलता मिली है। कुल 170 पार्षदों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी के 181 पार्षद चुन कर आए हैं और तीनों नगर निगमों (पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी नगर निगम) में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है। बता दें कि पिछले दस सालों से भी बीजेपी ही तीनों नगर निगमों पर काबिज है लेकिन उनके कामकाज को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। यही कारण है कि पार्टी ने चुनाव में किसी भी पार्षद को टिकट नहीं दिया और नए चेहरों को उतार कर खुद ही उनके निकम्मेपन को स्वीकार कर लिया। इस जीत के बाद पार्टी के सामने उन मुश्किलों से मुकाबला करना सबसे बड़ी चुनौती होगी जो अब उन्हें परेशान करने वाली हैं। आइए जानते हैं कि क्या हैं वो चुनौतियां जिनका सामने करने वाले हैं बीजेपी के नए पार्षद...
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1- बीजेपी की भारी जीत के बाद खुद दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने माना कि हमारे सामने बड़ी चुनौती दिल्ली को डेंगू और चिकनगुनिया से मुक्त करना है।
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2- दिल्ली में नालों की सफाई और कूड़ों का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। पिछले एक साल में कई ऐसे मौके आए हैं जब दिल्ली में सड़कों पर कूड़ों का अंबार लग गया और दिल्ली सरकार-नगर निगमों में आरोप-प्रत्यारोप का खेल चलता रहा।
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3- दिल्ली भले ही देश की राजधानी है लेकिन इसके नगर निगमों का बजट बेहद कम है जिसके चलते राज्य सरकार और नगर निगम अपने काम को एक-दूसरे पर टालने की कोशिश में लगे रहते हैं और जनता पीसती रहती है। नगर निगम के बजट को लेकर दिल्ली के पांचवें वित्त आयोग ने सिफारिशें भी दे रखी हैं जिन्हें लागू करवाना बीजेपी पार्षदों के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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4- दिल्ली के लोगों के लिए रहने के लिए जगह तो मिल जाती है लेकिन उनकी सबसे बड़ी चिंता अपने वाहनों को सुरक्षित जगह पर रखना है। पार्किंग दिल्ली की सबसे गंभीर समस्याओं मे से एक है जिसे लेकर सरकारों से लेकर निगम चुनावों तक में दावे तो बहुत किए जाते हैं लेकिन अभी तक इस दिशा में कुछ भी ठोस नहीं हो पाया है।
5- दिल्ली के लोगों के लिए बच्चों का एडमिशन किसी युद्घ लड़ने से कम नहीं होता। जिसे अपने घर के आस-पास बच्चे का स्कूल मिल जाए वो अपने को दुनिया का सबसे खुशनसीब आदमी समझता है क्योंकि दिल्ली में प्राईमरी स्कूलों की संख्या बेहद कम है। ऐसे में बीजेपी पार्षदों और मेयर के लिए दिल्ली के लोगों के लिए स्कूल एडमिशन को आसान बनाना सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक होगी।