फरीदाबाद के बहुचर्चित निकिता हत्याकांड में मात्र पांच महीने में आरोपियों को सजा सुना दी गई, लेकिन इस फैसले के जल्दी आने का कारण मामले की सुनवाई केवल फास्ट ट्रैक में होना ही नहीं है। इसके कई पहलू हैं, जिस कारण जल्द से जल्द आरोपियों को सजा सुनाई जा सकी है।
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nikita murder case
- फोटो : अमर उजाला
26 अक्तूबर 2020 को तौसीफ ने निकिता की गोली मारकर हत्या कर दी। कुछ घंटों बाद ही क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने आरोपी को सोहना से काबू कर लिया। इसके अगले दिन उसके साथी को नूंह से पकड़ लिया। एसआईटी ने मात्र 11 दिन में ही दिन-रात मेहनत कर 700 पेज की चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
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आरोपियों को कोर्ट ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
चार्जशीट को तैयार करने के बाद एनआईए के चीफ रहे वरिष्ठ आईपीएस आलोक मित्तल, डिस्ट्रिक अटॉर्नी, वरिष्ठ अधिवक्ता और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने गहनता से उसका अध्ययन किया, ताकि इसमें कहीं भी कोई गलती की गुंजाइश ना हो।
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कोर्ट में भीड़
- फोटो : अमर उजाला
शुरुआत में पुलिस ने 64 गवाह बनाए गए थे। इसके बाद 10 गवाह और जोड़े, लेकिन मामले को जल्द निपटाने के लिए मात्र 57 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। फोरेंसिक रिपोर्ट, बैलेस्टिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल सहित अन्य सभी तरह की जांच रिपोर्ट भी जल्द से जल्द कोर्ट में पेश की गईं। पुलिस ने 25 सबूत भी जुटाए थे, ताकि मामले को ज्यादा लंबा नही खींचा जा सके। कोरोना काल में कोर्ट बंद होने के बावजूद भी निकिता केस की सुनवाई चालू रही।
कोर्ट में आरोपियों को ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
26 अक्तूबर 2020 : बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज के सामने निकिता की गोली मारकर हत्या। पांच घंटे के अंदर तौसीफ गिरफ्तार।
27 अक्तूबर 2020 : तौसीफ के साथी रेहान की गिरफ्तारी।
29 अक्तूबर 2020 : तौसीफ को रिमांड के बाद अदालत ने जेल भेजा।
30 अक्तूबर 2020 : रिमांड के बाद रेहान को जेल भेजा गया।
1 नवंबर 2020 : निकिता हत्याकांड को लेकर बल्लभगढ़ में सर्व समाज की पंचायत के दौरान हाईवे पर बवाल।
6 नवंबर 2020 : एसआईटी ने अदालत में 700 पेश की चार्जशीट पेश की।
12 नवंबर 2020 : मामला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना की फास्ट ट्रैक कोर्ट को सुनवाई के लिए सौंपा गया।
17 नवंबर 2020 : फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई।
1 व 2 दिसंबर 2020 : अदालत में निकिता के भाई नवीन, ममेरे भाई तरुण व सहेली निकिता शर्मा की गवाही हुई ।
26 फरवरी 2021 : अभियोजन पक्ष की तरफ से सभी 57 गवाहों की गवाही पूरी हुई।
15 मार्च 2021 : बचाव पक्ष की तरफ से दो लोगों की गवाही पूरी।
22 मार्च 2021 : अदालत में दोनों पक्षों की बहस।
24 मार्च 2021 : अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया और हथियार उपलब्ध कराने वाले अजहरुद्दीन को बरी किया।
26 मार्च 2021 : दोनों दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।