sarthak death, faridabad
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पंजाबी वाडा निवासी ललित कुमार ने बताया कि उसके छोटे भाई सोनू गोयल व उसकी पत्नी अनु अपने सात महीने के बेटे को लेकर मोहना रोड स्थित रेनबो मेडिकेयर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। सार्थक को एक हफ्ता पहले बुखार, उल्टी व दस्त की शिकायत थी। उस दौरान उसे उक्त अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के बाद उसे 20 अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। साथ ही चिकित्सक ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी थी।
चिकित्सकों ने सुबह के समय अस्पताल पहुंचकर बच्चे को इंजेक्शन लगवाने को कहा था। ऐसे में उसे लगातार तीन दिनों तक इंजेक्शन लगवाने अस्पताल ले जाया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि बीते दिनों लगाए गए इंजेक्शन से बच्चे को कोई परेशानी नहीं हुई थी। लेकिन रविवार को जब वह बच्चे को आखिरी इंजेक्शन लगवाने सुबह 7 बजे अस्पताल पहुंचे, अस्पताल के कर्मचारी ने हाथ से ही गलत तरीके से इंजेक्शन लगा दिया।