फरीदाबाद पुलिस लाइन स्थित आवास नंबर 60 में हेड कांस्टेबल सरोज के साथ रह रहा 14 वर्षीय बेटा जब ट्यूशन पढ़कर घर लौटा तो घंटी बजाने पर दरवाजा नहीं खुला। मम्मी-पापा को सोया जानकर वह पड़ोस के मकान में जाकर सो गया। सुबह परीक्षा देने के लिए जाना था। उसे क्या पता था कि आने वाली सुबह उसके मां-बाप को हमेशा के लिए छीन लेगी। सुबह की घटना को देखकर मासूम देव इतना सदमे में आ गया कि उसकी आंखों से आंसू तक नहीं निकले।