तावडू में डीएसपी की हत्या ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। पत्थरों की खन-खन में करोड़ों का कारोबार होता है। ऐसा हम नहीं, यह उन लोगों का दावा है जिन्हें पिछले महीने क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 ने गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से पकड़ा था। पुलिस ने खनन माफिया के इस गिरोह का खुलासा किया था। इसमें पाली गांव निवासी सोमवीर व चंद्रपाल नाम के चाय वाले को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि पत्थर चोरी में करोड़ों का मुनाफा होने के कारण अपराधी बड़े से बड़ा रिस्क लेने के लिए तैयार रहते हैं। आरोपियों ने पूरे सिस्टम को हैक करने के लिए आरटीओ विभाग के अधिकारियों की गतिविधि पर नजर रख रखी थी। जैसे ही अधिकारी अपने कार्यालय से बाहर निकलते हैं तो आरोपी के गुर्गे व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना भेज देते थे। ग्रुप में ट्रांसपोर्टर, चालक व सरगना जुड़े होते थे। इस पूरे नेटवर्क में पुलिस से लेकर खनन विभाग और आरटीओ तक के अधिकारियों को मोटी रिश्वत दी जाती थी। पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने इसमें अभी तक तत्कालीन सूरज कुंड थाना प्राभारी सोहनपाल, पाली पुलिस चौकी प्रभारी, ग्रीन फील्ड चौकी प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी है।