delhi violence
- फोटो : अमर उजाला
लेकिन जिले के हालात को देखते हुए फेस रिकग्निशन सिस्टम से आरोपियों की पहचान मुमकिन नहीं थी। पुलिस ने इसको संभव बनाने के लिए संवेदनशील 12 थाना क्षेत्रों के 61 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 20 लाख लोगों का डाटा जुटाया। इसके तहत लोगों के डीएल, वोटर आईडी व अन्य सरकारी दस्तावेज को खंगाला गया। इन दस्तावेज पर अंकित फोटो को हिंसा के वीडियो, सीसीटीवी व मिले फोटो से मिलान करवाया गया। इसके आधार पर पुलिस ने करीब 1100 लोगों की पहचान कर ली।