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डबल मर्डर: पिता की कमरे में और आंगन में थी बेटी की लाश

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सराय रोहिल्ला इलाके में सरकारी स्कूल से रिटायर्ड 88 वर्षीय टीचर और उसकी 51 वर्षीय बेटी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इनके शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं है। हालांकि पुलिस ने तकिया से दोनों का मुंह दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। टीचर का अपने छोटे बेटे से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। (सभी फोटो: ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली)

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डबल मर्डर: पिता की कमरे में और आंगन में थी बेटी की लाश

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पुलिस के अनुसार मूलत: झज्जर हरियाणा के रहने वाले हरिकिशन वर्मा(88) अपनी तलाकशुदा बेटी राजबाला (51) के साथ निमड़ी गांव में रहता था। हरिकिशन के चार बेटे और चार बेटी है। बड़े बेटे आजाद वर्मा की मौत हो चुकी है। वहीं उसके दो बेटे अजीत और विजय अपने परिवार के साथ सरस्वती विहार में रहते हैं जबकि छोटा बेटा अरविंद अपने परिवार के साथ पीतमपुरा में रहता है। अरविंद सराय रोहिल्ला स्थित एक फैक्टरी में फील्ड ब्वॉय का काम करता है।
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बृहस्पतिवार सुबह अरविंद अपने पिता के घर आया। दरवाजा सटा हुआ था। कमरे में टीवी चल रहा था। उसके धक्का मारने पर दरवाजा खुल गया। उसने आंगन में अपनी बहन राजबाला को अचेत पड़ा हुआ पाया। यह बात बताने के लिए वह पिता के कमरे में गया, जहां पिता बिस्तर पर बेहोश पड़े थे और उनके शरीर रजाई से ढका था और मुंह पर तकिया रखा हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस ने पिता-पुत्री को अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

डबल मर्डर: पिता की कमरे में और आंगन में थी बेटी की लाश

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिता-पुत्री के शरीर पर कोई चोट नहीं है। आशंका है कि दोनों को तकिया से मुंह दबाकर मारा गया है। घर में किसी तरह की लूटपाट नहीं की गई है। जांच में पता चला है कि हरिकिशन का अपने बेटों से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। तफ्तीश में पुलिस को पता चला है कि हरिकिशन अपनी जायदाद को चारों बेटों में बराबर-बराबर बांट दिया था। 75 गज के इस मकान के एक हिस्से में हरिकिशन बेटी राजबाला के साथ रहता था।
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मकान के आधे हिस्से में उसके दोनों बेटे अजीत और विजय महालक्ष्मी नाम की ज्वेलरी दुकान चलाते हैं। राजबाला ने अपने पहले पति से तलाक होने के बाद दूसरी शादी की थी। लेकिन बच्चा नहीं होने की वजह से उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। वर्ष 2003 में राजबाला अपने पिता के घर आकर रहने लगी। पांच साल पहले पत्नी लक्ष्मी के देहांत के बाद पिता-पुत्री एक साथ रह रहे थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में पता चला है कि हरिकिशन अपने मकान को राजबाला के नाम करना चाहते थे।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से घर में फ्रेंडली इंट्री कर वारदात को अंजाम दिया गया है उससे साफ है कि किसी परिचित ने वारदात को अंजाम दिया है। घर से कोई भी सामान गायब नहीं है। तफ्तीश में पता चला है कि हरिकिशन का अपने मकान को लेकर बेटों से विवाद चल रहा था। परिवार दो खेमों में बंटा हुआ है। पुलिस को आशंका है कि राजबाला के नाम से मकान किए जाने से चारों बेटों के परिवार को नुकसान होता। इसलिए पुलिस हरिकिशन के तीनों बेटों से लगातार पूछताछ कर रही है।
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