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चलो स्कूल चले हम: स्कूल खुले चेहरे खिले, स्कूलों ने डांस व म्यूजिक के माध्यम से बच्चों का स्वागत किया

Tue, 02 Nov 2021 01:57 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

स्कूलों में बच्चों का स्वागत करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। सरकारी स्कूलों में तो किसी स्कूल में बच्चों को फिल्म दिखा कर तो कहीं डांस व म्यूजिक के माध्यम से बच्चों का स्वागत किया गया।
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दिल्ली में खुलीं जूनियर कक्षाएं - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2019 मार्च से बंद स्कूलों में एक बार फिर से रौनक लौट आई। नर्सरी से आठवीं तक केस्कूल 19 माह बाद एक बार फिर से खुल गए। स्कूलों ने डांस व म्यूजिक के माध्यम से बच्चों का स्वागत किया। कोरोना बचाव संबंधी सभी नियमों का पालन करते हुए बच्चों को स्कूलों में एंट्री दी गई। इतने लंबे समय बाद स्कूल पहुंचे बच्चों के चेहरे पर गजब का उत्साह देखने को मिला। वहीं शिक्षकों के चेहरे भी बच्चों को देखकर खिले नजर आए। बच्चों से मिलने के लिए उपमुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया वेस्ट विनोद नगर स्थित राजकीय कन्या विद्यालय पहुंचे।

जहां सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति सामान्य रही, वहीं अधिकतर निजी स्कूल त्यौहारी सीजन समाप्त होने केबाद ही स्कूल खोलने की तैयारी कर रहे हैं। स्कूल में कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया गया। स्कूल के खुलने और लम्बे समय बाद अपने दोस्तों से मिलने पर बच्चे काफी उत्साहित थे। स्कूलों में बच्चों का स्वागत करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। सरकारी स्कूलों में तो किसी स्कूल में बच्चों को फिल्म दिखा कर तो कहीं डांस व म्यूजिक के माध्यम से बच्चों का स्वागत किया गया।
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दिल्ली में खुलीं जूनियर कक्षाएं - फोटो : अमर उजाला
ऑफलाइन पढ़ाई दोबारा शुरू करने से पहले बच्चे सामान्य रूप से स्कूल से जुड़ सके इसके लिए कई गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। वेस्ट विनोद नगर स्थित सरकारी स्कूल पहुंचे शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने बच्चों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि महामारी के कारण स्कूल पिछले 19 महीनों से बंद थे। इस कारण से बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ। हमें बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता के साथ-साथ पढ़ाई की भी चिंता है। यदि अब स्कूलों को नहीं खोला गया तो एक पूरी पीढ़ी नॉलेज गैप के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सभी स्कूलों में ये सुनिश्चित किया जाएगा कि वहां कोरोना संबंधी प्रोटोकॉल और सामाजिक दूरी का पालन हो।
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दिल्ली में खुलीं जूनियर कक्षाएं - फोटो : अमर उजाला
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उम्मीद है कि स्कूलों के खुलने के बाद हमारे शिक्षक व अभिभावक साथ मिलकर बच्चों के इस लर्निंग गैप को खत्म करने का काम करेंगे। हमने ध्यान रखा है कि किसी अभिभावक को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के स्कूल एक सितंबर से ही खुल चुके हैं। सभी कक्षाओं के लिए स्कूलों के दोबारा खुलने के बाद अभी भी स्कूलों में सभी शैक्षणिक गतिविधियां ब्लेंडेड तरीके से ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी चलती रहेंगी।

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दिल्ली में खुलीं जूनियर कक्षाएं - फोटो : अमर उजाला
अधिकतर निजी स्कूल त्यौहारी सीजन के बाद स्कूल खोलेंगे
माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा ने कहा कि अभिभावकों से स्कूल आने के लिए सहमति पत्र लेने शुरू किए हैं। अभी एक सप्ताह तक त्यौहार हैं उसके बाद छठ पूजा है। ऐसे में 8 नवंबर या छठ पूजा के बाद ही स्कूल खोलने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल अभी अभिभावकों में बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंता है। डीएवी मौसम विहार स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने कहा कि छठ पूजा के बाद ही पहली से आठवीं तक के बच्चों को बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों को मंगलवार से सहमति पत्र भेजना शुरू करेंगे।
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दिल्ली में खुलीं जूनियर कक्षाएं - फोटो : अमर उजाला
सिसोदिया ने छोटी बच्ची से कराया चेकअप
स्कूल में पहुंचे उपमुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने एक बच्ची को डॉक्टर किट से खेलते हुए देखा। बच्ची से उन्होंने चेकअप भी करवाया। इस दौरान बच्ची ने उन्हें इंजेक्शन लगाया। जब सिसोदिया ने वैक्सीन के कारण दर्द होने की शिकायत की तो बच्ची ने उन्हें दवाई का पर्चा लिखा और रात के बाद खाने की सलाह दी। साथ ही ठंड के मौसम में आइसक्रीम से परहेज करने की सलाह दी। 
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मुश्किल वक्त को पीछे छोड़कर अब हम सबको आगे बढ़ना है
स्कूल खुलने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि स्कूल के बिना बच्चों का बचपन अधूरा रहता है। यह देखकर अच्छा लगा कि डेढ़ साल बाद बच्चे अपने स्कूल और कक्षाओं में पहुंचे। अब हम सबको मुश्किल वक्त को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ना है।
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