दिल्ली में छाई प्रदूषण की चादर
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दिल्ली-एनसीआर में प्रूदषण का आलम यह है कि सड़क पर निकले लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। सिर भरी होने के साथ ही आंखों जलन भी महसूस की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) व सफर की सलाह है कि इस मौसम में लोग बेवजह बाहर न निकलें। साथ ही घरों के अंदर मोमबत्ती, अगरबत्ती न जलाएं। घरों के दरवाजे व खिड़कियां भी हमेेशा बंद रखने को प्रदूषण पर काम करने वाली एजेसियों ने सलाह दिल्ली-एनसीआर के लोगों को दी है।
उधर, सीपीसीबी की तरफ जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली की हवा मंगलवार को देश का सबसे प्रदूषित रही। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 476 रिकार्ड किया गया। जबकि इससे सटे अन्य शहरों में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर नोएडा रहा। शहर का सूचकांक 455 दर्ज किया गया। तीसरे नंबर पर फरीदाबाद का सूचकांक 448 था।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसमी दशाओं के प्रतिकूल होने से स्थानीय प्रदूषण प्रभावी भूमिका अदा कर रहे हैं। इसमें वाहनों निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियों और सड़कों पर से उडऩे वाली धूल है। वहीं, पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली समस्या को बढ़ा रही है। सोमवार की तुलना में मंगलवार को पराली के धुएं का हिस्सा 16 फीसदी कम होकर 22 फीसदी पर पहुंच गई, लेकिन मौसम दशाओं के खराब होने से प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर केे ऊपर छाए हुए हैं।