दुष्कर्म के आरोपी दाती महाराज के खिलाफ एक एनजीओ की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने संज्ञान लेने से इंकार कर दिया है। याचिका में एनजीओ ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता के समक्ष यह याचिका दायर की गई।
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- फोटो : अमर उजाला
न्यायमूर्ति ने याचिका पर सुनवाई से इंकार करते हुए कहा कि एनजीओ इस केस में पीड़ित नहीं है और ना ही आपराधिक मामले में किसी से संबंध रखता है। पीठ ने कहा कि एनजीओ ने शुरू में मुख्य कार्यवाहक न्यायमूर्ति के समक्ष जनहित याचिका दायर की थी, लेकिन उन्होंने याचिका पर संज्ञान लेने से इंकार कर दिया था।
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वहीं, कोर्ट ने कहा कि मामले में कोई पीड़ित है तो उसकी याचिका पर सुनवाई जरूर की जाएगी और उचित कार्यवाही भी की जाएगी। लेकिन जब एनजीओ को इस मामले से कोई लेन-देना नहीं है तो फिर याचिका दायर करने का कोई मतलब नहीं है। लिहाजा कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इंकार दिया।
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साथ ही कोर्ट ने एनजीओ को हिदायत दी कि वह अपनी याचिका वापस ले लें और पीड़िता के शपथपत्र के साथ अपनी याचिका को दायर करें तो बेहतर होगा। यह याचिका दिल्ली सिटीजन फोरम एनजीओ की ओर से दायर की गई।
गौरतलब है कि गत 7 जून को दुष्कर्म के आरोप में दाती महाराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। दाती महाराज पर अपने आश्रम में अपनी एक अनुयायी के साथ राजस्थान और दिल्ली में दुष्कर्म करने का आरोप है। दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है।