इसी बिल्डिंग में लगी आग
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‘मेरा दम घुट रहा है मुझे बचा लो’
पहली मंजिल पर फंसे उदयकांत ने मौत से पहले अपने भाई, बहन और अन्य लोगों को फोन कर बचाने की गुहार लगाई थी। उसके भाई संजीव ने बताया कि रात में उदयकांत का फोन आया। उसने फोन पर बताया कि उसका दम घुट रहा है, उसे बचा लो। पीछे से अन्य लोगों के कराहने की आवाजें आ रही थीं और शोर भी हो रहा था। संजीव ने पूछा कि क्या हुआ है, तो उसने बताया कि उसके मकान में आग लग गई है और दरवाजा नहीं खुल रहा है। संजीव भागकर उसके घर के पास पहुंचा। उसने देखा कि गोदाम से आग की लपटें ऊपर की मंजिल पर जा रही थीं। उन लोगों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए।