संजय दत्त अभिनीत फिल्म ‘वास्तव’ से प्रेरित होकर दिल्ली-एनसीआर में बर्बर वारदात अंजाम देने वाले फ्रैक्चर गैंग का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मंगलवार शाम सरगना सहित तीन बदमाशों को दबोच लिया। फिल्म में अभिनेता की गैंग के बदमाश अपने दुश्मनों से बदला लेने या अन्य बदमाशों से ठेका लेकर लोगों की टांगे तोड़ देते थे। उसी तरह की वारदात को अंजाम देने वाले इस गैंग के बदमाश घटना का वीडियो भी बनाते थे, ताकि उनके दुश्मनों में दहशत बनी रहे या मारपीट का ठेका देने वाले को काम होने का सबूत दिया जा सके।
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बर्बर यातनाएं देने के लिए कुख्यात गिरोह के सरगना कुलभूषण उर्फ कुल्लू पर मारपीट, हत्या के प्रयास व लूटपाट के 9 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके बनाए एक वीडियो की कुछ तस्वीरें भी जारी की हैं। फिलहाल इन्हें चार दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि इस गैंग से जुड़े और बदमाश भी पकड़े जाएंगे। हालांकि पूछताछ के बाद ही पूरा स्पष्ट हो पाएगा कि गैंग वारदात को किस प्रकार अंजाम देता था। इनके कब्जे से 6 तमंचे, 22 कारतूस, लोहे के पाइप व कार बरामद हुई है।
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- फोटो : अमर उजाला
एसीपी (क्राइम) अनिल कुमार ने बताया कि कुलभूषण अपने साथियों के साथ मिलकर शहर में ही कई वारदात कर चुका था। गत 17 फरवरी को वजीरपुर रोड पर संजू नामक युवक को लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा था और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
संजू ने रिपोर्ट में कुलभूषण, अंकित, दीपक, मनोज आदि के नाम दर्ज करवाए थे। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीमें इनकी तलाश में जुट गई। आखिरकार पुलिस ने नचौली निवासी कुलभूषण सहित भारत कॉलोनी निवासी अंकित और गांव शाहबाद निवासी दीपक को खेड़ीपुल इलाके से धर दबोचा।
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बदमाश वारदात के दौरान उस घटना का वीडियो बनाते और फिर उसे वायरल कर देते थे। कुछ मामलों में ठेका देने वाले को काम होने के सबूत के तौर पर भी वीडियो पेश करते थे। पुलिस के पास पहुंचे ऐसे ही एक वीडियो में हमलावर एक युवक को लोहे के पाइप से बुरी तरह पीट रहे हैं। क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 प्रभारी एसआई सुमेर सिंह ने बताया कि सूरजकुंड थाना क्षेत्र में पिछले साल छात्रों को राजमार्ग पर बुरी तरह पीटने में भी इसी गिरोह का हाथ था। पता चला है कि कुलभूषण को एक व्यक्ति ने कहा था कि कुछ युवक उसकी बहन को कॉलेज में तंग करते हैं। इस पर फ्रैक्चर गैंग ने उन युवकों को सड़क पर सरेआम पीटा था। दीपक के खिलाफ भी हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में तीन मामले दर्ज हैं।
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इसलिए रखा ‘फ्रैक्चर गैंग’ नाम
दुश्मनों की टांगे तोड़ने के लिए कुख्यात हो कुलभूषण ने इसी वजह से गिरोह का नाम फ्रैक्चर गैंग रखा था। ये फरीदाबाद के अलावा दिल्ली के भी कई हिस्सों में ऐसी वारदात को अंजाम देते थे। गैंग के बदमाश अपने दुश्मनों के तो हाथ-पैर तोड़ते ही हैं, अन्य बदमाशों से ऐसा करने के लिए ठेका भी लेते थे। हाथ-पैर तोड़ने के अलावा फिरौती सहित अन्य अपराधों को अंजाम देने का ठेका भी लेते थे।
अहमदाबाद में भी पकड़ा गया था ऐसा ही गैंग
फ्रैक्चर गैंग की तरह ही वारदात को अंजाम देने वाले एक गिरोह को जनवरी 2008 में अहमदाबाद में भी गिरफ्तार किया गया था। उस गिरोह का सरगना एक फैक्ट्री कर्मचारी का बेटा मंगल पंजाबी अपने दुश्मनों या अन्य लोगों के हाथ-पैर तोड़ने के ठेके लेता था। उसे पर फिरौती और धमकी देने के 7 केस दर्ज थे।