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जानिए कौन था सुंदरपाल, जिसने बेटा-बेटी को मौत देकर दी जान, ऐसा होता तो जिंदा होते सभी

Wed, 13 Mar 2019 02:42 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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murder and suicide ghaziabad
गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक शख्स ने अपने ही बेटा-बेटी को जहर देकर जान से मार दिया और खुद भी आत्महत्या कर लिया। शख्स का नाम सुंदरपाल है, बताया जा रहा है कि सुंदरपाल कारोबार में घाटे की वजह से मानसिक रूप से परेशान था। आइए जानते हैं पूरी कहानी...
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murder and suicide ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
सुंदरपाल गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना क्षेत्र के नूरनगर सिहानी में रहता था। वह मनाली में कांट्रेक्ट पर होटल चलाता था। घर बेटा तुषार (15), बेटी माही (11) और पत्नी शशि थी। दो महीने पहले बर्फ अधिक पड़ने के कारण वह घर आ गए था। व्यापार सही न चलने के कारण अवसाद से ग्रस्त था। 
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murder and suicide ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
पिछले दो महीने से वह डायरी के पन्नों पर कुछ न कुछ लिखता रहता था। आखिरी पेज पर छह मार्च से लिखना शुरू किया है। छह मार्च को लिखा है लोन कराने वाले एजेंट को फोन किया तो उसने बताया कि 6.90 लाख रुपये का लोन पास हो गया है, आपके खाते में सात मार्च को रुपया पहुंच जाएगा। सात मार्च को फोन करने पर बोला आठ मार्च को आ जाएगा और फोन काट दिया। आठ मार्च को फोन किया तो बोला सोमवार तक आ जाएगा। 

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murder and suicide ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
मैंने फोन कर कहा कि सोमवार के बाद में इंतजार नहीं कर सकूंगा। सुसाइड नोट में 11 मार्च को लिखा है कि एजेंट को फिर से कॉल किया। एजेंट ने जबाव दिया कि सुंदरपाल 12 से एक बजे के बीच में आपका चेप्टर ही बंद कर दूंगा। तभी से उसका फोन बंद जा रहा है। 12 मार्च तड़के कमरे में कूंदे पर सुंदरपाल का शव लटका मिला। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। विभिन्न बिंदुओं पर पुलिस जांच में जुटी है।


 
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murder and suicide ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
आत्महत्या से पहले सुंदरपाल ने एक सुसाइड नोट तैयार किया। इसमें मरने के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, लेकिन इतना लिखा है कि अगर लोन पास नहीं हुआ तो आज मेरी आखिरी रात होगी। लोन कराने वाले एजेंट के झूठ बोलने से भी वह आहत था। बच्चों की हत्या क्यों की इसके बारे में कुछ नहीं लिखा। जांच के बाद पता चला कि अगर अगर लोन पास हो गया होता तो इन सब की नौबत नहीं आती। 
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murder and suicide ghaziabad - फोटो : अमर उजाला
बड़ा बेटा दिमागी रूप से था कमजोर
सुंदरपाल का बड़ा बेटा तुषार दिमागी रूप से कमजोर था और वह बोल भी नहीं पाता था। गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए जाता था। जबकि बेटी माही एक निजी स्कूल में कक्षा पांच की मेधावी छात्रा थी।


 
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