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Delhi Building Collapse: बच्ची समेत तीन लोगों की हुई मौत, देर रात मलबे से दो बुजुर्गों के शव निकाले गए

Tue, 11 Oct 2022 02:36 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मलबे के ढेर में तब्दील घर - फोटो : अमर उजाला
फराश खाना इलाके में रविवार रात दो मंजिला जर्जर इमारत गिरने के मामले में एक बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। चार साल की बच्ची को रात में ही मृत घोषित कर दिया गया था जबकि देर रात राहत बचाव में लगे एनडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबे एक बुजुर्ग महिला समेत दो बुजुर्गों के शव को बरामद किया। हादसे के बाद स्थानीय लोग और दमकल कर्मियों ने बच्ची समेत दस लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया था। जिसमें चार साल की बच्ची खुशी को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। अन्य घायलों का लोकनायक अस्पताल में इलाज चल रहा है। 
 
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मलबे के ढेर में तब्दील घर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने इस बाबत लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मलबे से निकाले गए बुजुर्गों की पहचान सुलेमान (75) और शगुफ्ता (70) के रूप में हुई है। दोनों इसी इमारत में रहते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि इमारत 100 साल से भी अधिक पुरानी थी। इमारत के नीचे दो दुकानें बनी हुई थीं। लोगों ने बताया कि हादसा के दौरान रविवार शाम गली में स्थित मंदिर में वाल्मीकी जयंती का कार्यक्रम चल रहा था। गली में वाहनों के जाने पर रोक लगा दी गई थी। शाम करीब 7.30 बजे अचानक इमारत ढ़ह गई। इसका मलबा सामने और आसपास की इमारतों से सामने फैल गया। इस दौरान गली में करीब 20 से अधिक लोग मौजूद थे। ऐसे में मलबा उनपर भी गिरा। 
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खुशी को यादकर रोती महिला - फोटो : अमर उजाला
घटना के दौरान चार वर्षीय खुशी अपने पिता सुखवीर के साथ उसी गली में दूध लेकर गुजर रही तभी इमारत भरभरा कर गिर गया और दोनों मलबे की चपेट में आए। खुशी ने मौके पर ही दम दोड़ दिया,जबकि सुखवीर गंभीर रूप से घायल हो गए। सुखवीर की पत्नी पूनम ने बताया कि सुखवीर का एक पैर काटना पड़ा है।

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रोता-बिलखता पीड़ित परिवार - फोटो : अमर उजाला
घटना के दौरान इमारत में चार लोग थे मौजूद
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के समय इमारत में चार लोग सुलेमान, शगुफ्ता, निलोफर और सरकार बेगम मौजूद थी। हादसे में सुलेमान और शगुफ्ता की मौत हो गई। जबकि इमारत में मौजूद निलोफर और सरकार बेगम को घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। दोनों के सिर में गंभीर चोट हैं। वहीं इमारत के मलबे की चपेट में आए राहगीरों में खुशी, सुखवीर, अमारा, मोहम्मद इमरान, अंकित, अशोक, जिशान और विपिन हैं। यह सभी आसपास के इलाके में रहते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दो से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
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घटना के बाद रोते-बिलखते लोग - फोटो : वीडियो ग्रैब
हादसे से पहले निकली युवती बाल बाल बची
मृतक सुलेमान और शगुफ्ता की रिश्तेदार नगमा सहूर ने बताया कि शगुफ्ता उसकी मौसी थी। रविवार को उसकी मां की पांचवीं पुण्यतिथि थी। इसलिए वह लक्ष्मी नगर से अपनी मौसी से मिलने के लिए आई थी। उसकी मौसी विधवा थी और यहां एक कमरे में रहती थी। उसने बताया कि वह मौसी से मिलने के बाद जैसे ही अपने घर के लिए रवाना हुई। इसी दौरान इमारत भरभराकर गिर गई। वह इस हादसे में बाल बाल बची। घटना के बाद वहां चीख पुकार मच गया और लोग मलबा में फंसे लोगों को बाहर निकालने लगे। काफी प्रयास के बाद भी उनकी मौसी शगुफ्ता और रिश्तेदार सुलेमान को बाहर नहीं निकाला जा सका। वहीं हादसे में घायल मोहम्मद इमरान के बड़े भाई मोहम्मद वारिस ने बताया कि इमरान फराश खाना इलाके में अपनी पत्नी और दो बच्चों के रहते हैं और दर्जी का काम करते हैं। वह रविवार को अपने मालिक के पैसे लेने के लिए आए थे। वह पैसे लेकर अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान वह इमारत के मलबे के चपेट में आ गए। अस्पताल से उन्हें भाई के घायल होने की जानकारी मिली। उनका एक पैर टूट गया है। उन्होंने बताया कि उनके भाई के पांच हजार रुपये और एक मोबाइल फोन गायब हो गया है।
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