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बिल्डर की हत्या: सोसायटी के अंदर दाखिल होना बेहद टेढ़ी खीर, घर के भेदी बिना संभव नहीं वारदात को अंजाम देना

Mon, 02 May 2022 12:19 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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builder murder case - फोटो : अमर उजाला
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर सिविल लाइंस इलाके में हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट के दौरान एक नामी बिल्डर की चाकू से वारकर हत्या कर दी। बेहद हाईप्रोफाइल सिविल लाइंस की इस सोसायटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। बेहद नजदीक कम फासले पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा रात के समय सोसायटी में दाखिल होने के तीन में से दो गेटों को बंद कर दिया जाता है। एक ही गेट से आना-जाना होता है। ऐसे में किसी जानकार के बिना यहां वारदात को अंजाम देना लगभग असंभव सा है।
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बिल्डर का घर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस इस मामले में दर्जनभर से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है जिसमें से उसे कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया राम किशोर अग्रवाल कई दशकों से यहां रहते थे। इनके घर में कई-कई साल पुराने नौकर काम करते हैं। घर के भीतर तीन नौकर, एक मेड (आया), एक सुरक्षा गार्ड व दिन के समय रहने वाले इनके कार चालक रहते हैं। 
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मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का मानना है कि इतने सुरक्षित इलाके में बिना किसी अपने या जानकार की मिलीभगत के इतनी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दिया जा सकता। पुलिस के मुताबिक राम किशोर अग्रवाल अपने परिवार के साथ कोठी नंबर-1, राम किशोर अग्रवाल मार्ग, सिविल लाइंन इलाके में रहते थे। इनके परिवार में बेटा विशाल अग्रवाल, बेटी, बहू और एक पोती है। राम किशोर की गिनती दिल्ली के बड़े बिल्डरों में होती थी। कोठी के ग्राउंड फ्लोर पर राम किशोर अकेले रहते थे, जबकि इनके बच्चे ऊपरी फ्लोर पर रहते हैं। राम किशोर बिल्डर होने के साथ-साथ समाजसेवी भी। इसलिए उनके घर के सामने वाली सड़क का नाम उनके ही नाम पर रखा हुआ था।

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बिल्डर का घर - फोटो : अमर उजाला
रविवार सुबह 6.40 बजे अचानक घर की डोर बेल बजी दरवाजे पर सोसायटी का सुरक्षा गार्ड नागेश शोर मचा रहा था। उसका कहना था कि दो लड़के कोठी में घुसकर लूटपाट कर ले गए हैं। तुरंत बेटा विशाल पिता के कमरे की ओर बढ़ा तो उसके होश उड़ गए। राम किशोर अग्रवाल फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे। उनका गला रेतने के अलावा उनके पेट और कमर पर चाकू के कई घाव थे। बाकी लोगों की मदद से विशाल पिता को अस्पताल ले गया, जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया। विशाल ने ही रास्ते से 6.52 बजे पुलिस को कॉल कर मदद मांगी। खबर मिलते ही तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। राम किशोर के शव को कब्जे में लेकर सब्जी मंडी मोर्चरी भेज दिया गया।
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builder murder case - फोटो : अमर उजाला
सोसायटी के गार्ड नागेश ने बताया कि सुबह करीब 5.45 बजे बाइक सवार दो संदिग्ध लड़कों को सोसायटी में अंदर घुसने पर उसने टोका गया था। वह मंदिर जाने की बात कर रहे थे। गार्ड ने उनको यहां मंदिर न होने की बात बताई थी। इसके बाद वह चले गए थे। इस बीच सुबह करीब 6.30 बजे नागेश घूमता हुआ राम किशोर अग्रवाल की कोठी पर पहुंचा तो एक बाइक सवार बाहर खड़ा था जबकि दूसरा गेट के पास दीवार फांदकर बाहर आ रहा था। टोकने पर एक बदमाश ने पिस्टल तान दी। इसके बाद दोनों वहां से कुछ बैग लेकर फरार हो गए। इसके बाद ही नागेश ने घर डोर बेल बजाई थी, जिसके बाद विशाल उठा और पिता के कमरे में पहुंचा।
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दिल्ली में बिल्डर की हत्या - फोटो : अमर उजाला
विशाल का कहना है कि पिता के कमरे में कुछ लकड़ी के बक्से रखे थे। उसमें कैश था, रकम कितनी थी, इसका पता किसी को नहीं है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बदमाश मोटी रकम लूटकर ले गए हैं। पुलिस पुलिस परिजनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। घर नौकरों के अलावा बाकी स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। पुलिस वारदात में परिवार के किसी करीबी का हाथ होने की बात से इंकार नहीं कर रही है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। बदमाशों ने नौकर को भी बंधक बना लिया था। 
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