apollo hospital
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तारीख के मुताबिक, मंगलवार शाम वह नसीमा को लेकर अपोलो अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति गंभीर बताते हुए तत्काल एक लाख रुपये जमा कराने को कहा। तारीख का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल में खुद को ईडब्ल्यूएस वर्ग (आर्थिक रूप से कमजोर) का बताया तो बिस्तर खाली न होने की बात कह दी गई। इस बीच, एंबुलेंस में करीब चार घंटे तक नसीमा तड़पती रही।