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सिल्वर गर्ल दीपा मलिक की बेटी ने बताया क्यों सिर्फ उनकी मां ही ला सकती थीं ये मेडल

Thu, 15 Sep 2016 10:04 AM IST
यशलोक सिंह/अमर उजाला, गुड़गांव
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रियो पैरालंपिक में गुड़गांव की दीपा मलिक ने वह कर दिखाया जो हर खिलाड़ी के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। शॉटपुट इवेंट में जैसे ही उन्होंने रजत पदक जीता वह पूरी दुनिया में छा गईं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक ने उनसे मिलने की इच्छा जता दी है। 
 
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दीपा मल‌िक की सोसायटी में मना जश्न - फोटो : अमर उजाला
दीपा की सफलता भले ही लोगों के लिए अचरज हो मगर उनकी बेटी देविका मलिक को इसका विश्वास था। रियो में बिल्कुल वैसा ही हुआ जैसा उन्होंने उम्मीद की थी। देविका खुद पैरा एथलीट हैं। उनके राष्ट्रीय स्तर पर आठ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन मेडल हैं। 
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दीपा मल‌िक की सोसायटी में मना जश्न - फोटो : अमर उजाला
गुड़गांव के डीएलएफ फेज-1 के सिल्वर ओक अपार्टमेंट में रहने वाली दीपा मलिक ने 45 वर्ष की उम्र में शानदार कारनामा किया है। गुड़गांव में इस समय सिर्फ और सिर्फ दीपा के कारनामे की ही चर्चा चल रही है। हर किसी की जुबान पर उनका नाम है। 

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deepa malik profile - फोटो : Amar ujala
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता टूट ही नहीं रहा है। दीपा की बेटी देविका मलिक ने अमर उजाला को बताया कि उन्हें अपनी मां की सफलता का पूर्ण विश्वास था। वह लगातार इंटरनेट पर गेम्स का अपडेट देख रही थीं। 
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दीपा मलिक - फोटो : getty
वहीं से उन्हें मां के जीत की सूचना मिली। इसके बाद तो उनकी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। तभी से बधाईयों का दौर शुरू हो गया। एक मिनट भी फोन शांत नहीं हो रहा है। देविका बताती हैं कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और शुभचिंतकों को मां के जीत की जानकारी फोन, फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से दी। 
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दीपा मलिक - फोटो : getty
उन्होंने कहा कि इस समय वह सिर्फ और सिर्फ सकारात्मक बातें करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि एक दिव्यांग भी देश का नाम रौशन कर सकता है। पीएम से लेकर बड़े-बड़े मंत्रियों तक की बधाई आ रही है। काफी अच्छा लग रहा है। मां ने साबित कर दिखाया है कि कुछ भी असंभव नहीं है। इससे औरों को प्रेरणा मिलेगी। 
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दीपा मलिक - फोटो : getty
डिसेबल स्पोर्ट्स को बढ़ावा देंगी देविका
अपनी मां को आदर्श मानने वाली देविका बताती हैं कि वह खुद भी पैरा एथलीट हैं। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत चुकी हैं। जल्द ही वह ब्रिटेन पीएचडी के लिए जाने वाली हैं। 
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दीपा मलिक - फोटो : getty
वहां वह पैरा स्पोर्ट्स पर शोध करेंगी। जिससे इस प्रकार के गेम्स को और प्रोत्साहित किया जा सके। देविका की छोटी बहन अंबिका एमबीए कर रही हैं। 
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