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आश्रम छोड़ने से पहले पीड़िता से लिखवाया था शपथ पत्र, कबूल की थी ये बातें, दाती महाराज के खिलाफ सबूत

Thu, 14 Jun 2018 02:14 PM IST
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
दिल्ली के छतरपुर स्थित शनि धाम मंदिर के संस्थापक दाती महाराज उर्फ मदनलाल पर दर्ज दुष्कर्म मामले में अमर उजाला के हाथ एक महत्वपूर्ण दस्तावेज लगा है। दरअसल, 2016 में आश्रम छोड़ते समय पीड़ित युवती स्नेहा ( बदला हुआ नाम) ने एक शपथ पत्र लिखकर दिया था। पत्र में लिखा है कि अगर भविष्य में किसी प्रलोभन, दबाव, उत्पीड़न के कारण दाती महाराज की निंदा या उन पर कोई आरोप लगाया तो वह खुद जिम्मेदार होगी। 
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पांच गवाहों के भी हस्ताक्षर

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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
ऐसी स्थिति में संस्थान, दाती महाराज या उनके प्रतिनिधि कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। शपथ पत्र में बाकायदा युवती के हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान हैं। खास बात यह कि पत्र में ये भी लिखा गया है कि उसके साथ कोई गलत काम नहीं हुआ है और वह पवित्र है। पत्र में पांच गवाहों के भी हस्ताक्षर हैं। वहीं, मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को यह पत्र मिल गया है। पुलिस इसे दाती महाराज के खिलाफ बड़ा सबूत मान रही है। पीड़ित परिवार यूपी, गोरखपुर का रहने वाला है। 
 
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2016 में लिखा गया शपथ पत्र 

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dati maharaj
अपराध शाखा के अधिकारियों ने बताया कि शपथ पत्र में स्नेहा लिखा है कि ‘मैं संस्थान में दस वर्ष से रह रही हूं। यहां स्वेच्छा से काम किया है। मां का देहांत बचपन में ही हो गया था। परिवार की विषम परिस्थितियों को देखते हुए दाती महाराज ने उसे अपनाया। हमारी शिक्षा व आवश्यकताओं की पूर्ति की। महराज की कृपा से स्वच्छ व अच्छा माहौल मिला। इस कारण मेरा शैक्षणिक व मानसिक विकास संभव हो सका। अब पारिवारिक कारणों से संस्थान में समय देने में असमर्थ हूं। अत: सात अप्रैल, 2016 शाम पांच बजे अपनी मर्जी से घर जा रही हूं। संस्थान में उसे किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। अगर संस्थान से जाने के बाद कोई कार्य करती हूं तो घोर अपराध होगा। पिछले 19 वर्षों से दाती महाराज व संस्थान बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ आदि के सेवा कार्य में संलग्न है। महाराज पर भविष्य में कोई आक्षेप मेरे द्वारा लगाने का प्रश्न ही नहीं होता’

'बिना किसी के दवाब में दिया बयान'

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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
वहीं, शपथ पत्र में पत्र दाती महाराज और संस्थान को स्वेच्छा से लिखकर तथा सत्यापित कर देने की बात भी कही गई है। सत्यापन में कहा गया है कि ‘मैं सात अप्रैल 2016 को दिल्ली में घोषणा करती है कि ऊपर लिखे वक्तव्य पूर्णतया सही हैं। ये वक्तव्य बिना किसी छल, प्रलोभन और बिना उत्पीड़न के दिए हैं। ’
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आश्रम की संपत्ति से लेनादेना नहीं

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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
स्नेहा ने शपथ पत्र में यह भी लिखा है कि उसका आश्रम की चल-अचल संपत्ति से कोई लेनादेना नहीं है। साथ ही दाती महाराज व उनके किसी कर्मचारी से कोई शिकायत नहीं है।  
 
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महिलाओं का सम्मान करते हैं

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दाती महाराज
शपथ पत्र के कॉलम नंबर दस में लिखा है कि ‘मैंने दस वर्षों में गंभीरता से अनुभव किया है कि दाती महाराज तथा उनसे जुड़े सभी व्यक्ति महिलाओं का सम्मान करते हैं। वह महिलाओं के सम्मान व उत्थान के लिए बहुत काम करते हैं। पिछले दस वर्षों में दाती महराज ने उसकी सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी। इनके कारण ही आज तक गंगा की तरह पवित्र और निष्कलंकित हूं’। 
 
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100 रुपये के स्टांप पेपर पर है शपथ पत्र

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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
स्नेहा का शपथ पत्र 100 रुपये के स्टांप पेपर पर बना हुआ है। ये स्टांप पेपर 5 मार्च, 2016 को दोपहर 1.33 बजे का है। जो कि दिल्ली में बनाया गया है।  

एक और शपथ पत्र मिला 

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फाइल फोटो
दिल्ली पुलिस को एक और शपथ पत्र मिला है। जिसमें स्नेहा ने लिखा है कि वह वर्ष 2006 में शनि धाम में आई। दाती महराज ने उसे उच्च शिक्षा (एमसीए) दिलवाई। उसके आग्रह पर महाराज ने उसे दीक्षा दी। सेवा कार्य में उसका कोई निजी स्वार्थ नहीं है। वह अपनी इच्छा से सभी कार्य कर रही है।  
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पत्र की जांच होगी

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फाइल फोटो
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्नेहा ने शपथ पत्र वर्ष 2016 में लिखा है। अब वह आरोप लगा रही है। ऐसे में इस बात की जांच की जाएगी की उसने ऐसा किसके दबाव में और क्यों लिखा। पुलिस ने इस शपथ पत्र को फाइल पर ले लिया है।  
 
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