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नोटबंदी पर भारी पड़ी इंसानियत, दिव्यांग को पीठ पर बैठाकर बदलवाया नोट

Fri, 18 Nov 2016 10:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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note - फोटो : अमर उजाला
सुबह 9 बजे से लोगों ने बैंकों के बाहर लाइन लगाना शुरू कर दिया। बैंक के साथ-साथ पोस्ट आफिस में भी कतारें दिखीं। सेक्टर-19 स्थित पोस्ट ऑफिस में महिला व पुरुष की अलग लाइन लगी थी। वहीं, दूसरी ओर कई एटीएम खराब व बंद मिले जिससे परेशान होकर लोगों का गुस्सा फूटा। अमर उजाला संवाददाता आशुतोष दुबे व फोटोग्राफर राजन राय की रिपोर्ट...
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दोपहर 12:30 बजे : डाकघर में दिखी मानवता

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डाकघर में दिखी मानवता।
सुबह 10 बजे : चार लाइन नहीं, एक लंबी लाइन
सेक्टर-1, 2, 18, 24, 61, 62 स्थित बैंक में चार लाइन की जगह एक लंबी कतार देखने को मिली। कई बैंकों के बाहर वरिष्ठ नागरिक व महिलाएं भी एक ही लाइन में खड़े दिखे। जमकर हंगामा भी हुआ।
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उंगली पर स्याही लगाई गई

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दोपहर साढ़े 11 बजे : सिक्कों की थैलियां मिलीं
सेक्टर-41, 50, 15, 18 में स्थित बैंकों में भी भीड़ रही, लेकिन पुराने नोट के बदले लोगों को 5 व 10 के सिक्कों की थैलियां दी जा रही थीं। सेक्टर-2 स्थित एसबीआई बैंक से बाहर आए लोगों के हाथों में सिक्कों की थैलियां भी दिखी। लोग चिल्लर लेकर परेशान भी नजर आए।

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note - फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-19 स्थित डाकघर में मानवता का नजारा देखने को मिला। दोपहर 1 बजे दिव्यांग चुन्नू हजार रुपये का नोट लेकर साथी की पीठ पर बैठकर पहुंचा। उसने बताया कि वह ई-रिक्शा चलाता है। निजाम पीठ पर बिठाकर लाया है। वह लाइन में जाकर खड़ा हो गया। पोस्टमास्टर राकेश रैना ने इस बात पर गौर किया। उन्होंने खुद के पास से 100 रुपये के 10 नोट निकालकर चुन्नू को दे दिए।
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note - फोटो : अमर उजाला
शहर के अधिकांश बैंकों में बृहस्पतिवार को रुपये बदलने के बाद लोगों की उंगली पर स्याही लगाई गई। हालांकि, कुछ बैंकों में स्याही न पहुंचने की वजह से मार्कर लगाया गया। बैंक अधिकारियों का कहना है कि कई लोग बार-बार पुराने नोट बदलकर जा रहे हैं। इसके चलते स्याही लगाने का फैसला सही लिया गया है।
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