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हिंदू लोगों के लिए यहां मुस्लिम खानसामों ने नॉनवेज छोड़कर अपने हाथ से बनाया शुद्ध फलाहार

Fri, 03 Mar 2017 05:24 PM IST
सुषमा पाठक/अमर उजाला, नई दिल्ली
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hunar hat - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर्व की छुट्टी पर दिल्ली के लोग घूमने निकले तो पहुंचे बाबा खड्ग सिंह मार्ग पर चल रहे हुनर हाट में। उम्मीद लगाए होंगे कि दूर-दूर से मुसलिम खानसामों ने यहां नॉनवेज की लजीज डिशेज तैयार की है, पर यहां पहुंचकर दंग रह गए जब उन्हें पता चला कि यहां मांसाहारी स्टॉल पर मांसाहारी न होकर आज शाकाहारी और फलाहारी परोसा जाएगा। 
 
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hunar hat - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि के पर्व पर गंगा जमुनी तहजीब को तवज्जो देते हुए मुसलिम खानसामों ने शुक्रवार को मांसाहारी के बजाए शाकाहारी और व्रत के व्यंजन दिल्ली के लोगों के लिए तैयार किए। अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा आयोजित हुनर हाट में त्योहार के मौके पर सभी स्टॉलों पर वेजीटेरियन डिशेज रखी गईं।
यहां बिहार का लिट्टी चोखा, राजस्थान की दाल कचौड़ी, पुरानी दिल्ली का केसरिया दूध और उत्तरप्रदेश की कचौड़ी जलेबी के बीच कुछ स्टॉल मुगलई और चंगेजी चिकन के भी हैं।
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hunar hat - फोटो : अमर उजाला
इन स्टॉलों पर खानसामे लखनऊ और दूसरे शहर से आए हैं जो मांसाहारी व्यंजनों के माहिर हैं, लेकिन हिंदू मुस्लिम भावनाओं को त्योहार के मौके पर जोड़ते हुए सभी मुस्लिमों ने अपनी स्टॉलों पर महाशिवरात्रि पर मांसाहारी खाना न रखकर शुद्ध शाकाहारी व्यंजनों को शामिल किया। खास बात यह रही कि यहां शुक्रवार को मांसाहारी व्यंजनों का लुत्फ लेने पहुंचे लोग ये सुनकर दंग रह गए कि मुस्लिम उस्तादों ने अपने बिजनेस की परवाह न करते हुए बहुत शुद्धता के साथ शाकाहारियों के लिए मेज पर खाना करीने से सजाया। ग्राहकों को खाना परोसने के लिए भी साफ सफाई का ध्यान रखा। उससे भी खास यह रहा कि कुछ स्टॉलों पर चिकन का रूप देते हुए सोयाबीन से डिश बनाई थी।

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hunar hat - फोटो : अमर उजाला
हुनर हाट में पहुंचे लोगों ने मुस्लिम उस्तादों के इस हुनर को सराहते हुए खास त्योहार के मौके पर व्यंजनों का लुत्फ उठाया। एफ-1 स्टॉल पर लखनऊ से आए अशफाक अहमद ने बताया कि रोज ही नॉनवेज सेल हो रहा है। क्यों न आज हिंदू हो या मुस्लिम एक ही मंच पर एक साथ शाकाहारी भोजन का स्वाद चखें। बताया कि एक दिन पहले ही रात को सभी कुक को सफाई के साथ शाकाहारी खाना तैयार करने को कह दिया था। 
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hunar hat - फोटो : अमर उजाला
अशफाक ने अपने स्टॉल पर मटकी वेज बिरयानी, कढ़ी, वेज गिलावटी कबाब, सोया चाप, खमीरी रोटी, भरवां आलू और पनीर टिक्का को चिकन कोरमा स्टाइल में तैयार किया है। एफ 8 पर असद मलिक ने पुलाव, छोला, वेज बिरयानी आदि शाकाहारी खाना सजाया है। वहीं, दिल्ली के परंपरागत यासीन की स्टॉल भी लगी है जिसमें त्योहार को देखते हुए गोलगप्पे, चाट, पकौड़ी रखी गई है। यासीन के मालिक बताते हैं कि नॉनवेज के बाद अगर लोगों की खास पसंद होती है तो चाट पकौड़ी। मौका महाशिवरात्रि का भी था तो अपनी स्टॉल पर यही रखा। यहां दो बेटियों अनंदा और मीशा के साथ आई अपर्णा ने नॉनवेज स्टॉल से वेज आइटम खरीदा। उन्होंने बताया कि उन्हें आज के इस बदलाव के बारे में नहीं पता था लेकिन यहां आने के बाद ऐसा फूड मार्केट देखकर अच्छा लगा। सरकार को इसे आगे बढ़ाना चाहिए।
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 वहीं अर्जेंटीना से टूर पर आए कपल आंद्रिया और रोडो पहले सोयाबीन चाप को चिकन ही समझ रहे थे और उन्होंने ऑर्डर भी कर दिया था। बाद में उन्हें दुकानदार ने बताया। आंद्रिया बहुत खुश हुईं और भारत सरकार की इस पहल की तारीफ की। हुनर हाट कोर्डिनेटर अरविंद कुमार और ममता शर्मा बताते हैं यहां 37 फूड स्टॉल में से पांच स्वीट डिश की स्टॉल को कम कर दिया जाए तो सभी 32 स्टॉलों पर केवल शाकाहारी व्यंजनों को ही परोसा गया है। यहां आने वाले ग्राहक भी अचंभित हो गए जब उन्हें इस खास बात के बारे में पता चला। केद्र सरकार की यह प्लानिंग हिंदू मुस्लिम एकता में सौहार्द की भावना लाएगी।
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असद भाई की रसोई में पका फलाहार कुट्टू की पकौड़ी और चौलाई के लड्डू
बाबा भोलेनाथ के त्योहार पर व्रतियों का ध्यान रखते हुए नई दिल्ली के खुरेंजी से आए असद मलिक ने अपनी पूरी स्टॉल व्रत में खाई जाने वाली खाद्य सामग्री से सजा रखी है। इसमें कुट्टू की पकौड़ी, चौलाई के लड्डू, खीर, आलू दही, कुट्टू के सेव, मखाना मूंगफली आदि। जिन्हें नीबू पानी पीना है, उनके लिए वह अलग से साफ सुथरे ढंग से एक गिलास नीबू पानी बनाकर दिया। सामान्य बाजार से फलाहार की कीमत भी वाजिब रखी गई है। बकौल असद, मांसाहारी तो रोज का व्यवसाय है। सरकार की इस पहल से हिंदू मुस्लिम एकता को भाईचारे का संदेश देना है। ट्रेवल एजेंसी चलाने वाली केतकी पेंटल पहले तो यहां फलाहार खाने में डर रही थीं लेकिन बाद में असद भाई की मुंह से हिंदू मुसलिम भाईचारे की बात सुनकर तुरंत फलाहार को ऑर्डर कर दिया। बकौल केतकी, ऐसे आयोजन लोगों को दिलों को एक करने के लिए काफी है। 
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