केंद्रीय स्तर पर जाट बिरादरी को आरक्षण दिलाने के लिए जाट नेता अब नई दिल्ली में डेरा डालकर लड़ाई लड़ेंगे। अपनी मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को जंतर मंतर पर एक दिवसीय धरना देने आए देशभर के हजारों जाटों ने केंद्र की भाजपा सरकार को दो टूक कहा कि जब तक उनको आरक्षण देेने के साथ-साथ उनकी अन्य मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक उनका विरोध करने का सिलसिला जारी रहेगा। देशभर के जाटों ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जंतर-मंतर पर जाट न्याय धरना दिया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाट समाज विभिन्न मांगों को लेकर गत 29 जनवरी से हरियाणा के 20 जिलों में अनिश्चितकालीन धरना दे रहा है।
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jat at jantar mantar
- फोटो : अमर उजाला
मगर राज्य सरकार ने अभी तक उनकी मांगें पूरी करने की दिशा में कोई निर्णय नहीं लिया है। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार इस मामले में असंवेदनशील है। इसी कारण उन्होंने दिल्ली में धरना देनेे का निर्णय लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार ने जल्दी उनकी मांगें पूरी करने का वादा पूरा नहीं किया तो वे अब दिल्ली में ही डेरा डालेंगे।
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उनके संबोधन के बाद जाटों ने अपनी घोषणा के अनुसार संसद मार्च शुरू किया। यहां बैरिकेड लगाकर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद भी वे आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे तो पुलिस ने संसद मार्ग थाने के समक्ष उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान गिरफ्तारी की संख्या को लेकर पुलिस एवं जाट नेताओं के बीच काफी देर तक टकराव होता रहा।
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जाट नेताओं ने दावा किया कि 50 हजार जाट धरने में आए हैं। इससे कम संख्या गिरफ्तारी में दिखाई जाएगी तो वे संसद मार्ग पर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। करीब 15 मिनट बाद पुलिस ने 50 हजार जाटों को हिरासत में लेने का एलान किया। इसे बीच जाटों ने अपनी मांगों के संबंध में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा।
20 मार्च को संसद घेरेंगे
उन्होंने आगे की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि 20 मार्च को देशभर के जाट दिल्ली कूच करेंगे। उस दिन संसद का घेराव व बॉर्डरों पर पड़ाव के कार्यक्रम होंगे। उस दिन आंदोलनकारी अपने वाहनों के साथ 10 दिन के खाने का सामान, टेंट आदि लेकर आएंगे। रास्ते में सरकार की ओर से काफिलों को रोकने की स्थिति में टकराव किए बिना वहां सड़कों पर ही अनिश्चितकाल के लिए पड़ाव डाला जाएगा।