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बुराड़ी कांड: जैसे रजिस्टर में लिखा वैसे ही लटके मिले शव, बस इन तीन लोगों के खुले थे हाथ

Fri, 13 Jul 2018 12:16 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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burari death case
जिस तरह रजिस्टर में लिखा हुआ था उसी तरीके से भाटिया परिवार के सदस्य लटके मिले थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि नौ लोग छत में लगे लोहे के सरियों से लटके मिले। एक सदस्य पूजा वाले कमरे में खिड़की से लटका मिला। बुजुर्ग नारायणी देवी दूसरे कमरे में मिली। रजिस्टर में यही लिखा हुआ था कि किसको कहां और कैसे लटकना है। 
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burari death case - फोटो : जी पाल
गौरतलब है कि संयुक्त पुलिस आयुक्त ने अमर उजाला की खबर की पुष्टि कर दी है। घटना सामने आने के बाद ही अमर उजाला ने सबसे पहले ये लिखा था कि रजिस्टर में लिखे अनुसार शव लटके मिले। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस की अभी तक की जांच में किसी तांत्रिक या बाबा की भूमिका सामने नहीं आई है। पुलिस ने दाढ़ी वाले बाबा से भी पूछताछ की थी। 
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burari death case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस इस मामले में महिला समेत कई बाबा से पूछताछ कर चुकी है। ऐसे में कहा जा सकता है कि भाटिया परिवार को खुदकुशी के लिए किसी ने उकसाया नहीं। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि भाटिया परिवार के सदस्य 30 जून की रात करीब दस स्टूल लाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उसी रात 10.39 बजे वायर लाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने का समय करीब एक बजे आया है। 

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burari death case - फोटो : अमर उजाला
रजिस्टर के अनुसार इन लोगों को बड़ तपस्या के तहत रात एक बजे फांसी लगानी थी। रजिस्टर में इस बात का विस्तार से जिक्र है कि कैसे लटकना है। संयुक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार ललित के पिता की वर्ष 2006-07 में मौत हो गई थी। उसके बाद से ही रजिस्टर लिखे जा रहे हैं। तभी से लेकर अभी तक रजिस्टर लिखने में निरंतरता दिखाई दे रही है। 
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burari death case - फोटो : विवेक निगम
तीन लोगों के हाथ खुले हुए थे 
पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि तीन लोग ललित, भुवनेश्वर और टीना के हाथ खुले हुए थे। हालांकि इनके हाथ इस तरह से बंधे हुए थे कि वह खुद ही खोल सकते थे। अन्य लोगों के हाथ इस तरह बंधे हुए थे कि वह खुद नहीं खोल सकते थे। 
 
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