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फीमेल गजनी देखा है आपने? देख लीजिए

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सेंसर बोर्ड ने फिल्म एनएच-10 के जिन दृश्यों और डायलॉग पर आपत्ति जताई थी, उसमें बदलाव कर दिया गया है। फिल्म के माध्यम से लोग दिल्ली और गुड़गांव के आसपास की लोकेशन, भाषा, लाइफस्टाइल और ढाबों की संस्कृति को अनुष्का के थ्रिलर रूप के साथ देख सकेंगे। यह कहना है एनएच 10 के निर्देशक नवदीप सिंह का। (सभी फोटोः कुमार संजय/अमर उजाला)
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फीमेल गजनी देखा है आपने? देख लीजि‌ए

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राजधानी में सोमवार को फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुंची एनएच 10 की स्टार कास्ट टीम का कहना है कि दर्शक गुड़गांव के एक ऐसे प्रोफेशनल कपल की कहानी देखेंगे, जिसमें दिखाया गया है कि उनके साथ सड़क किनारे क्या-क्या हो सकता है।
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कनॉट प्लेस स्थित पीवीआर में प्रमोशन के दौरान थ्रिलर रूप के सवाल पर हंसते हुए अनुष्का कहती हैं, ‘फीमेल गजनी... क्या कहूं... हां फीमेल गजनी हूं, लेकिन बॉक्स ऑफिस में भी उतनी ही स्पेस मिल जाए तो बात बनेगी।’ बता दें कि अनुष्का फिल्म की हीरोइन के साथ प्रोड्यूसर भी हैं।

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निर्देशक नवदीप सिंह ने कहा कि एनएच-10 को स्टोरी में लेने के लिए हरियाणा के इस बॉर्डर के रूट को दिखाने के लिए वहां पर हर दिन गेड़ी (घूमने) जाते थे, ताकि वहां की रोजमर्रा की कहानियों और बातचीत के लहजे को किरदारों में संजीदगी से उतार सकें। नवदीप कहते हैं कि कहानी अनुष्का, नील, दर्शन कुमार और विक्रमादित्या पर ही घूमती नजर आएगी। मैरीकॉम के पति के रूप में जो सीखा, उसे एनएच-10 में उतारा है। उन्होंने कहा, ‘मैं महिलाओं का आदर करता हूं, लेकिन फिल्म में किरदार कुछ जुदा होगा।’
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एनएच-10 की टीम 15 और 18 के क्राइटेरिया से नाखुश दिखी। टीम का कहना है कि फ्रांस में 15 साल के बाद कोई भी ऐसी थ्रिलर टाइप की पिक्चर फिल्म देखने का अधिकार रखता है, लेकिन हमारे यहां 18 के बीच ही अटके हुए हैं, जबकि 15 साल के बाद बच्चा इतना समझदार हो जाता है कि फिल्म के अच्छे-बुरे पहलू का उस पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
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