छानबीन में पुलिस ने करीब एक लाख 20 हजार मोबाइल नंबरों की छानबीन का दावा किया। करीब 52 संदिग्ध नंबर सर्विलांस पर लगाए गए। खुलासे के लिए पुलिस की 18 टीमें लगाई गईं। 72 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने करीब 70 युवक और युवतियों से पूछताछ की। लेकिन फिर भी इस मामले में पुलिस के हाथ खाली रहे।