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16 साल बाद मौसम हुआ बेईमान, पैदा हुआ ये बड़ा संकट

Wed, 21 Dec 2016 12:38 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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बारिश - फोटो : PTI
उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद से बारिश ने ऐसा मुंह मोड़ा की आज तक नहीं लौटी। सर्दी के मौसम में बारिश की ऐसी बेरुखी 16 साल बाद देखने को मिली है।
 
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- फोटो : फाइल फोटो
बारिश नहीं होने से जहां मौसम विज्ञानी हैरान हैं, वहीं फसलों का नुकसान देखकर किसान परेशान। इसके अलावा तापमान सामान्य से नीचे नहीं आने से जिस तरह की सर्दी सितंबर में पड़नी चाहिए वैसी ठंड के आसार दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रहे हैं।
 
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- फोटो : PTI
प्रदेश में इस साल सात अक्तूबर 2016 को मानसून विदाई की घोषणा हुई थी। कुछ जिलों की बात की जाए तो मानसून ने 12 अक्तूबर को अपना बोरिया-बिस्तर समेटा था। हर साल मानसून जाने के बाद दिसंबर तक काफी बारिश हो जाती थी।
 

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SNOWFALL
अमूमन दिसंबर के महीने तक मसूरी में कई दौर की बर्फबारी तक हो जाती थी। पर इस साल ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश में ठंड के सीजन में 90 प्रतिशत तक तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है जबकि गत वर्षों के आंकड़े देखें तो इन दिनों तक तापमान में सामान्य से काफी गिरावट आ जाती थी।
 
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farmer
मौसम के बदले मिजाज से प्रदेश में कई जगहों पर रबी की फसलों की बुवाई ही नहीं हो पाई है। कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां रबी की फसल पोस्ट मानसून बारिश और कम तापमान पर निर्भर करती है। गेहूं, जौ, चना, मसूर और सरसों की फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
 
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पोस्ट मानसून बारिश आंकड़ों के आईने से
वर्ष - बारिश की कमी
2000 -96 प्रतिशत
2014 -4 प्रतिशत
2015 -70 प्रतिशत
2016 -90 प्रतिशत
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