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उत्तरकाशी: सड़क नहीं बनी तो गांव वालों ने उठाई कुल्हाड़ी, काट डाले 700 पेड़

Thu, 14 Jul 2016 11:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़कोट (उत्तरकाशी)
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tree cut - फोटो : अमरउजाला
वन संरक्षण अधिनियम के चलते सड़क से वंचित सरबडियार क्षेत्र के आठ गांवों का धैर्य जवाब दे गया। मंगलवार को ग्रामीणों ने स्वयं कुल्हाड़ी उठाकर 700 से ज्यादा बांज बुरांश, चीड़, कुकाट के हरे पेड़ों का सफाया कर दिया। पिछले डेढ़ दशक से स्वीकृत गंगराली-बडियार सड़क समरेखण में अधिक पेड़ आने के कारण अधर में लटकी थी। साढ़े नौ किमी स्वीकृत सड़क इतने वर्षों में दो किमी ही बन पाई थी।
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700 tree cut - फोटो : अमरउजाला
उत्तरकाशी के बडियार क्षेत्र के आठ गांवों के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में आड़े आ रहे विभिन्न प्रजाति के छोटे बड़े पेड़ों पर आरा कुल्हाड़ी चलाकर इस पिछड़े क्षेत्र और सरकारी रवैये के प्रति अपना आक्रोश प्रकट किया। पेड़ों की अवैध कटान की भनक लगते ही अपर यमुना वन प्रभाग के अधिकारी पुलिस और विभागीय कर्मियो के साथ मौके पर पहुंचे।
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uttarakhand road - फोटो : अमरउजाला
वन कर्मियों ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया और डबल सिंह, सोवेंद्र सिंह, रमेश दास प्रधान और शीशपाल सिंह सहित 66 लोगों के खिलाफ 26 फॉरेस्ट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया। अवैध कटान में क्षेत्र के सभी आठ गांवों पौंटी, छानियका, गौल, कसलों, किमडारा व सर आदि के ग्रामीण शामिल रहे।

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700 पेड़ काट डाले गए - फोटो : अमरउजाला
रेंजर किशोरी लाल शाह ने कहा कि स्वीकृत सड़क वन भूमि के कारण लंबित है। ग्रामीणों ने वन भूमि के अलावा सिविल सोयम वन में भी पेड़ काटे हैं। पूछताछ तथा पातन किए गए पेड़ों की संख्या और माप के साथ पूछताछ जारी है। उन्होंने बताया कि अभी तक 240 पेड़ों के काटने की पुष्टि हुई है।
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जंगल - फोटो : Demo pic
कानून हाथ में लेना गलत
वर्तमान स्वीकृत 9.5 किमी सड़क में अधिक पेड़ आने के कारण ग्रामीणों को समरेखण में बदलाव कराने का सुझाव दिया था। इसके लिए संयुक्त निरीक्षण होना था, लेकिन गांव वालों ने कानून हाथ में लेकर पेड़ काट कर गलत किया है।
-डीके सिंह, डीएफओ, अपर यमुना वन प्रभाग।
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