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Uttarkashi Tunnel Rescue: ऑपरेशन सिलक्यारा की सफलता में ये बने सूत्रधार, एक नजर में जानें कब कैसे हुआ

Tue, 28 Nov 2023 08:47 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, सिलक्यारा (उत्तरकाशी)।
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सिलक्यारा रेस्कयू ऑपरेशन - फोटो : amar ujala

ऑपरेशन सिलक्यारा की सफलता में कई लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें बचाव कार्य में लगे मशीन ऑपरेटरों से लेकर केंद्र व राज्य के कई बड़े अधिकारी और पूर्व अफसर भी सूत्रधार रहे। ऐसे ही सूत्रधारों के काम पर एक नजर-

  • प्रवीन और बलविंदर ने पाइप में घुसकर दूर की ऑगर मशीन की बाधा : ऑगर मशीन से ड्रिलिंग की बाधाएं दूर करने में प्रवीन और बलविंदर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह दोनों वह शख्स हैं, जिन्होंने ऑगर मशीन के आगे सरिया व गार्टर जैसी बाधाएं आने पर पाइप में घुसकर उन्हें काटा। संकरे से पाइप में गैस कटर से लोहा काटना आसान नहीं था। प्रवीन यादव ने बताया कि इसके लिए उन्हें घुटनों के बल पाइप के अंदर जाकर तीन-तीन घंटे तक रहना पड़ता था।
 
  • पीएमओ के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे : 1983 बैच के आईएएस अफसर व पीएमओ के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी में अहम भूमिका निभाई। उनका काम रेस्क्यू की सही अपडेट मीडिया तक भी पहुंचना रहा। वह बचाव कार्य में लगी टीम की हौसला अफजाई भी करते रहे। इसके साथ उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी केंद्र व राज्य की एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया।
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सुरंग में रेस्क्यू अभियान जारी - फोटो : amar ujala
  • एचएचआईडीसीएल के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद व निदेशक अंशु मनीष खल्खो : एनएचआईडीसीएल की ओर से प्रबंध निदेशक महमूद अहमद व निदेशक अंशु मनीष खल्खो ने सुरंग के अंदर ऑगर मशीन से ड्रिलिंग के काम की निगरानी की। झारखंड निवासी खल्खो ने सुरंग के अंदर फंसे झारखंड निवासी मजदूरों से झारखंडी में बात कर उनका मनोबल भी बढ़ाया। रेस्क्यू के दौरान मजदूरों के आक्रोश को शांत करने में प्रबंध निदेशक महमूद की भूमिका सराहनीय रही।
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सिलक्यारा ऑपरेशन - फोटो : amar ujala
  • अंतरराष्ट्रीय टनल एक्सपर्ट अर्नोल्ड डिक्स : इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स के आने से रेस्क्यू ऑपरेशन में जान आई। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी एनएचआईडीसीएल व जिला प्रशासन को सही सलाह दी। साथ ही सुरंग के ऊपर से ऊधर्वाधर ड्रिलिंग के लिए भी सर्वे किया।

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सिलक्यारा ऑपरेशन - फोटो : amar ujala
  • कर्नल दीपक पाटिल : एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने यहां राहत एवं बचाव अभियान का जिम्मा संभाला। उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें यहां विशेष रूप से भेजा गया था। यहां पहुंचकर उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के साथ सुरंग के अंदर रेस्क्यू ऑपरेशन को भी गति देने का काम किया।
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सिलक्यारा ऑपरेशन - फोटो : amar ujala
  • छह इंच पाइप पहुंचाने वाले ऑपरेटर विनोद : तमिलनाडु निवासी विनोद ने सुरंग में फंसे मजदूरों तक लाइफलाइन के तौर पर छह इंच की पाइप लाइन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि इस ड्रिलिंग को पूरा करने में उन्हें तीन दिन का समय लगा। वह रात-दिन इसी काम में लगे रहे। छह इंच की पाइप आरपार होने के बाद मजदूरों तक पका भोजन पहुंचना शुरू हुआ।

 

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सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala
  • संदीप ने 24 घंटे में तैयार की सड़क : पोकलेन मशीन के ऑपरेटर संदीप सिंह ने सुरंग के ऊपर ऊर्धवाधर ड्रिलिंग के लिए 24 घंटे में अस्थायी सड़क तैयार कर दी। संदीप ने बताया कि यह काम आसान नहीं था। खड़ी पहाड़ी पर 1200 मीटर सड़क को बनाने के लिए उन्हें अपने एक अन्य साथी के साथ रात-दिन काम करना पड़ा।
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