फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Operation Silkyara:..तो दूर नहीं कामयाबी, श्रमिकों तक पहुंची गैस कटर से उठने वाले धुएं की 'खुशबू', तस्वीरें

Fri, 24 Nov 2023 06:49 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
विज्ञापन
1 of 7
पाइप में ड्रिल करती टीम - फोटो : अमर उजाला
सुरंग के भीतर लगातार चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच बृहस्पतिवार की देर रात व शुक्रवार की अलसुबह एक खबर ने उत्साह और बढ़ा दिया। पाइप व लोहे के गर्डर को जब गैस कटर से काटा जा रहा था तो उसके धुएं की खुशबू सुरंग के भीतर फंसे 41 मजदूरों तक पहुंच गई।

जैसे ही मजदूरों को गैस कटर के धुएं की खुशबू आई तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। ये धुआं आगे से मुड़े हुए 800 मिमी के पाइप को काटने के दौरान उठा। मजदूरों ने तत्काल कम्युनिकेशन सिस्टम के माध्यम से बाहर काम कर रहे बचाव दल को इसकी जानकारी दी।

Tunnel Rescue: पाइप के जरिए एस्केप टनल से ऐसे बाहर निकाले जाएंगे श्रमिक, तस्वीरों में देखें कैसी है तैयारी



उन्हें लग गया कि अब पाइप उनके करीब पहुंच चुका है, क्योंकि ज्यादा दूरी होती तो धुएं की खुशबू मलबे को चीरकर आगे न बढ़ पाती। बचाव दल में जुटे अधिकारियों ने बताया कि धुएं की खुशबू से ये अनुमान लगा लिया गया है कि अब मंजिल ज्यादा दूर नहीं है। खुद भीतर कैद मजदूर भी इससे उत्साहित हो गए हैं।  
विज्ञापन

2 of 7
पाइप में ड्रिल करती टीम - फोटो : अमर उजाला
सुरंग में फंसे मजदूर शुक्रवार को भी दिनभर बाहर निकलने का इंतजार करते रहे। बृहस्पतिवार की शाम चार बजे से बंद हुई ऑगर डि्ल मशीन आखिरकार 24 घंटे बाद शुक्रवार को शाम सवा चार बजे के आसपास दोबारा शुरू कर दी गई। 
विज्ञापन

3 of 7
सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : अमर उजाला
जियो फिजिकल विशेषज्ञों ने अगले पांच मीटर की मैपिंग के बाद बताया कि फिलहाल कोई लोहे के गर्डर जैसी अड़चन नहीं है। अधिकारी मान रहे हैं कि अगले कुछ घंटों में कभी भी ऑपरेशन सिलक्यारा सफल हो सकता है। बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे ऑगर मशीन के सामने लोहे के गर्डर आने और उसका प्लेटफार्म हिल जाने की वजह से मशीन को बंद कर दिया गया था।

4 of 7
डिलिंग मशीन - फोटो : अमर उजाला
एनएचआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद ने बताया कि पहले दिन 45 मीटर दूरी तक चलने के बाद एक लोहे का गर्डर आ गया था, जिसके बाद ऑगर मशीन को रोका गया। सभी आठ बर्मे बाहर निकाले गए। इसके बाद पाइप के भीतर पहुंचकर ट्रंसलेस इंकजीनियरिंग कंपनी के विशेषज्ञों ने उस गर्डर को काट दिया।
विज्ञापन

5 of 7
पाइप से काटकर निकाला गया लोहा - फोटो : अमर उजाला
दोबारा ऑगर मशीन को रिएसेंबल किया गया और करीब 1.8 मीटर जाने पर एक और बाधा मलबे में टनल की छत पर लगने वाले होलो पाइप के रूप में सामने आई। दोबारा ऑगर मशीन को पाइप से बाहर निकाला गया। इस दौरान पाइप का करीब 1.5 मीटर हिस्सा मुड़ गया था। विशेषज्ञों ने फिर भीतर घुसकर उस होलो पाइप और 800 मिमी पाइप का मुड़ा हिस्सा काटकर बाहर निकाला।
विज्ञापन

6 of 7
सुरंग का जायजा लेते सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला
रातभर में दूसरी तरफ ऑगर मशीन का हिला हुआ प्लेटफार्म भी मजबूत बनाया गया। इसमें कंक्रीट और रॉक बोल्ट लगाए गए। शुक्रवार की शाम करीब सवा चार बजे दोबारा डि्ल मशीन को शुरू कर दिया गया। सचिव डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि ऑगर मशीन खराब नहीं हुई, वह काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
एनडीआरएफ की मॉकड्रिल - फोटो : अमर उजाला
ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार सिस्टम वाली विशेषज्ञ टीम ने 45 मीटर भीतर घुसकर करीब 45 मिनट में मैपिंग की और बताया कि कुछ मामूली अड़चन तो जरूर है, लेकिन अगले पांच मीटर तक कोई बड़ी लोहे की अड़चन नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें